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लद्दाख में लंबे मोर्चे के लिए सेना ने कसी कमर, भीषण ठंड से बचने के लिए देगी स्पेशल टेंट का ऑर्डर

लेह  पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से चीन की सेना थोड़ा पीछे हट गई है. ऐसे में सीमा पर तनाव थोड़ा कम हो सकता है. लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. भारत ने सीमा पर पहले ही 30 हजार अतिरिक्त सैन्य बल को तैनात कर दिया है. अब खबर है कि भारत ने ठंड से बचने के लिए हजारों स्पेशल टेंट (Special Tents) का ऑर्डर दिया है. दरअसल भारत को फिलहाल नहीं लगता है कि सीमा पर हाल फिलहाल तनाव में कोई कमी आने वाली है

चीन ने स्पेशल टेंट्स का किया इंतज़ाम
लद्दाख में भीषण ठंड पड़ती है. तापमान कई बार माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. ऐसे में एलएसी पर इतनी ऊंचाई और ठंड में खड़े रहना मुश्किल चुनौती होती है. सितंबर से ही वहां तापमान गिरना शुरू हो जाता है. समाचर एजेंसी एएनआई के मुताबिक सेना के कुछ सीनियर अधिकारियों का मानना है कि सीमा पर मौजूदा गतिरोध सितंबर-अक्टूबर तक खींच सकता है. उनका ये भी कहना है कि चीन ने यहां पहले से ही स्पेशल टेंट्स का इंतज़ाम कर लिया है.

हज़ारों टेस्ट का दिया जाएगा ऑर्डर

भारत के सैनिक ऐसी भीषण ठंड से बचने के लिए सियाचिन पर पहले से ही स्पेशल टेंट में रहते हैं. लेकिन इस बार सीमा पर सेना की संख्या ज्यादा होने के चलते ज्यादा टेंट्स की जरूरत पड़ सकती है. लिहाजा सेना ये टेंट अपने देश या फिर यूरोप से मंगा सकती है. पीएम मोदी ने पहले ही सेना को हथियार और सामान खरीदने के लिए 500 करोड़ रुपये दिए हैं

पीछे हटे सैनिक
बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में बीते दिनों हुई हिंसक झड़प के बाद आखिरकार भारत और चीन के सैनिक पीछे हट गए हैं. सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों की सेना हिंसक झड़प वाली जगह से 1.5 किलोमीटर पीछे हटी है. अब इसे बफर ज़ोन बना दिया गया है, ताकि आगे कोई हिंसक घटना न हो. इसके अलावा दो और जगहों से भी चीनी सेना पीछे हटी है. दोनों पक्ष अस्थायी ढांचे को भी हटा रहे हैं. भारत ने चीनी सैनिकों के हटने का फिजिकल वेरिफिकेशन भी कर लिया है.

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम