Friday, April 24, 2026
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लक्जूरियस कारों की चोरी करनेवाले डॉक्टर गिरोह का पर्दाफाश, क्राइम ब्रांच ने की 30 कारे जब्त

अहमदाबाद। अहमदाबाद के पॉश इलाकों से लक्जूरियस कारों की चोरी करनेवाले डॉक्टर गिरोह का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर इनके पास से चोरी की 30 कारे जब्त की है। डॉक्टर गिरोह ने अभी तक 350 कारों की चोरी की बात कबूल की है। वहीं इस कांड का सरगना डॉक्टर फरार हो गया है।

शहर के पॉश पश्चिम क्षेत्र के सरखेज-गांधीनगर हाईवे, सोला भागवत और वस्त्रापुर क्षेत्र में कार चोरी की अनेक घटनाओं के मद्देनजर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम सतर्क हो गई थी। चोरी के स्थलों के आस-पास का सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करने के साथ इन क्षेत्रों के टावर डेटा भी एकत्र किये थे। सीसीटीवी की जांच में एक सिव्र रंग की कार बार-बार दिखाई दे रही थी।

इस शंका के आधार पर पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरु की। इससे जानकारी मिली कि कार बार-बार बावला की ओर जाकर चांगोदर के पास सीएनजी पम्प पर गैस भरवाने के लिए रुकती थी। इस एसेंट कार का नंबर शंकास्पद होने से इस पर निगरानी रखी गयी। इस दौरान पुलिस ने 30 जुलाई को थलतेज गोटीला गार्डेन के पास से भावनगर के मूल निवासी बावला में रहने वाले अरविंद दुलाभाई माणिया (35) को कार के साथ गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में उसने बावला के बलदाणा गांव में दवाखाना चलाने वाले बी.ए.एम.एस. डॉ. हरेश माणइया के साथ वड़ोदरा के मांजलपुर से चोरी की थी। बाद में कार का नम्बर बदल दिया। इस मामले में पुलिस ने अनवर हुसेन त्रिवेदी और हबीब शेख को भी गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी अरविंद ने पुलिस को बताया कि वह उसके भाई हरेश के साथ 2014 से अभी तक अहमदाबाद के पश्चिम क्षेत्र से 350 कारों की चोरी की है। इसमें केवल वस्त्रापुर इलाके से 130 कारों की चोरी शामिल है। इसके अतिरिक्त सेटेलाइट, सोला, आनंदनगर तथा सरखेज इत्यादि इलाकों से अल्टो, सेट्रों, एस्टीम, मारुति और वैगन आर सहित कारों चोरी भी शामिल है। चोरी की इन कारों को वह ताहिर को देता था। सलीम शेख कार की खरीदी कर लेते था।

पुलिस ने इनके पास 28 कार सहित कुल 43 लाख का मुद्दामाल बरामद किया है। आरोपी सीसीटीवी से बचने के लिए सिर पर टोपी या चादर ओढ लेते थे। वे च री की सभी कारों पर सन प्रोटेक्टर लगा देते थे। क्राइम ब्रांच ने बताया कि इस मामले का सरगना डॉक्टर फरार है। वह इससे पहले सूरत के कोसंबा पुलिस थाने में नकली नोट के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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