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रोहिंग्या को लेकर केंद्र सरकार का रुख सख्त: चिन्हित कर उन्‍हे वापस भेजने की तैयारी

नई दिल्ली। रोहिंग्या को लेकर केंद्र सरकार ने बुधवार को फिर अपना रुख साफ किया है। सरकार ने कहा है कि राज्यों से इन्हें चिन्हित करने के लिए कहा गया है।

जैसे ही यह काम पूरा होगा, उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बांग्लादेश की विदेश मंत्री के साथ भी बातचीत हुई है।

जरूरत हुई, तो म्यांमार के विदेश मंत्री से भी इसकी सुरक्षित वापसी को लेकर विदेशी मंत्री की ओर से बात की जाएगी।

Rohingya

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान रोहिंग्या का मुद्दा उठाया और कहा कि पिछले दिनों में प्रधानमंत्री और विदेशी मंत्री की ढाका यात्रा के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई।

ऐसे में इनकी वापसी को लेकर सरकार अगला कदम क्या होगा। उनके इस सवाल का जवाब पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने दिया। उन्होंने बताया कि रोहिंग्या समस्या से तो सभी वाकिफ होंगे।

हम इसके समाधान को लेकर बांग्लादेश और म्यांमार दोनों के साथ संपर्क में हैं। भारत सरकार की कोशिश है कि वह भारत में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं को वापस म्यांमार को सुरक्षित भेजें।

रिजिजू के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मामले पर जवाब दिया और कहा कि भारत और बांग्लादेश के विदेश मंत्री के बीच इस मामले को लेकर चर्चा हुई है। जैसा कि रोहिंग्या कई राज्यों में उपस्थिति हैं।

ऐसे में सभी राज्यो को एडवाइजरी जारी कर ऐसे लोगों की पहचान करने और बायोमैट्रिक रिकार्ड तैयार करने को कहा गया है। जैसे ही इनकी पूरी संख्या मिलेगी, वह इसकी सूची विदेश मंत्रालय को देंगे।

ताकि इनकी वापसी सुनिश्चित हो सके। जरूरत हुई, तो हमारी विदेशी मंत्री इस मामले को लेकर बांग्लादेश और म्यांमार के विदेश मंत्री से बात भी करेगी।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान राज्यों को विशेष सतर्कता रखने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी रोहिंग्या को कोई ऐसा दस्तावेज न मिल जाए, जिसके आधार वह भविष्य में नागरिकता को लेकर दावा कर सके।

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