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रेलवे कर्मचारी अगर हुआ रन ओवर इंजीनियर होगा जिम्मेवार

जबलपुर। रेलवे में ट्रेक में काम के दौरान ट्रेन की चपेट में आने (रनओवर) से रेल कर्मियों की बढ़ती मौत को रेलवे ने गंभीरता से लिया है और इसके लिए सख्त निर्देश जारी किये हैं. जारी आदेश के मुताबिक यदि ट्रेक मेंटेनेंस के दौरान एक भी रेल कर्मचारी रनओवर होता है तो इसकी सीधी जवाबदेही संबंधित इंजीनियर की होगी. इस निर्देश के बाद पश्चिम मध्य रेलवे के इंजीनियर्स, खासकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर (पीडबलूआई) में हड़कम्प मचा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि पिछले देश भर में पटरी पर ट्रेन की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या वर्ष 2017 में 10 हजार से अधिक थी. इनमें अकेले पश्चिम-मध्य रेलवे में ही 5 सौ से अधिक लोग मरे थे. इनमें रेलवे कर्मचारियों की संख्या भी शामिल थी. इसी प्रकार जबलपुर मंडल में भी कर्मचारियों की मौत काम के दौरान ट्रेन आने से लगातार होती रही है. अब इस प्रकार की घटना को कम करने के लिए रेलवे ने सख्त आदेश जारी किया है।
रेलवे बोर्ड का यह है आदेश
इस बारे में रेलवे बोर्ड के सिविल इंजीनियर निदेशक रेलवे बोर्ड आरसी ठाकुर ने गत 6 नवंबर को आदेश जारी कर दिए है. मंडल के इंजीनियरिंग विभाग को ये आदेश मिल गए हैं. इन आदेशों के बाद से मंडल के इंजीनियरिंग विभाग में हड़कम्प है. आदेश में कहा गया है कि
– रखरखाव कार्य पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से ही हो. ये तब ही किया जाए, जब ये तय हो गया हो कि कर्मचारी ट्रैक पर सुरक्षित है.
– किसी भी ट्रैक पर कोई भी सुपरवाईजर किसी भी कर्मचारी को बगैर सुरक्षा के नहीं उतारेगा, न ही दबाव देगा.
– संरक्षा के नाम पर कोई सेक्शन इंजीनियर किसी कर्मचारी को परेशान या प्रताडि़त करके काम नहीं करा सकेगा.
– अगर बगैर सुरक्षा या संरक्षा के काम चलता है व कोई ट्रेन आती है तो सीधी कार्रवाई अधिकारी पर होगी.

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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