राज्य सरकार ने रजिस्ट्री पर शहरी प्रभार शुल्क 2 से बढ़ाकर 3 प्रतिशत किया, हो रहा विरोध
भोपाल। राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रजिस्ट्री पर शहरी प्रभार शुल्क 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दिया है। सरकार के इस फैसले का अब हर तरफ विरोध हो रहा है। रियल एस्टेट क्षेत्र के जानकार इसे पहले से मंदी झेल रही इंडस्ट्री पर बड़ी मार बता रहे हैं, वहीं पूर्व मुख्य सचिव केएस शर्मा ने भी इस फैसले का विरोध किया है। शर्मा ने कहा कि सरकार के इस फैसले से लोगों में रजिस्ट्री न कराने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और पहले से ही जीएसटी और महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों पर भी भार आएगा।
अस्तित्व बनाए रखना मुश्किल, नया कर लाद दिया
गुपचुप कैबिनेट से पास कराया
सरकार की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने इस फैसले को कैबिनेट बैठक में भी गुपचुप तरीके से पास करा दिया। 12 जनवरी को यह प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया था। पहले यह कैबिनेट के एजेंडे में शामिल नहीं था, लेकिन आखिरी समय में पूरक एजेंडे में इसे शामिल कर पास कराया गया। आमतौर पर कैबिनेट में हुए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी सरकार देती है, लेकिन सीधे तौर पर लोगों से जुड़े इस फैसले की जानकारी भी नहीं दी गई।
ये है फैसला
सरकार की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने एक अध्यादेश लाने का फैसला किया है। दरअसल, सरकार ने शहरी क्षेत्रों में होने वाली रजिस्ट्री पर शहरी प्रभार शुल्क 2 से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दिया है। इससे रजिस्ट्री शुल्क 9.3 प्रतिशत की जगह 10.3 प्रतिशत हो जाएगा। सरकार एक अध्यादेश के जरिए यह परिवर्तन कर रही है। माना जा रहा है कि जनवरी में इसे लागू कर दिया जाएगा।








