राजनीतिक प्रचार में धार्मिक स्थलों के उपयोग पर होगी पांच साल की सजा
जबलपुर। राजनीतिक उद्देश्य के लिए धार्मिक संस्थाओं एवं पूजा स्थलों के उपयोग पर पाबंदी होगी। राजनीतिक प्रचार के लिए नवरात्रि स्थानों का उपयोग भी नहीं किया जाएगा। इसका उल्लंघन करने पर पांच साल का कारावास हो सकता है। इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं। किसी भी पूजा स्थल का राजनीतिक दल या उम्मीदवार के प्रचार के लिए उपयोग करने पर प्रतिबंध है। इन कामों में किसी भी धार्मिक संस्था की निधि का भी उपयोग नहीं किया जाएगा। इस तरह राजनीतिक गति या विचार के प्रचार के उपयोग पर पांच वर्ष तक का कारावास हो सकता है।

