कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले के रीठी में एक किसान के रहस्मयी ढंग से गायब होने फिर घर मे खून के निशान मिलने की खबर ने पुलिस के माथे पर बल ल दिया था मगर 24 घण्टे में पुलिस ने इस पूरी रची रचाई स्टोरी से पर्दा उठाते हुए अपने ही अपहरण की कहानी रचने वाले किसान को मैहर से ढूंढ निकाला।
रीठी थाना अंतर्गत मझगवां गांव में फसल की तकवारी के करने गए लापता हुए किसान को पुलिस ने खोज निकाला है। पुलिस टीम को किसान सतना जिले में मिला है। जहां से पुलिस उसे अपने कब्जे में लेकर रीठी ले आई है। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को किसान रामफल पटैल ने बताया है कि वह कर्ज से परेशान होकर अपनी हत्या किए जाने का झूठा षड़यंत्र रचा था और खेत में बने कमरे में मुर्गे का खून फैलाकर सतना चला गया था। हालांकि रामफल पटैल के इस कबूलिया बयान पर पुलिस पूरी तरह से विश्वास नहीं है लिहाजा पुलिस टीम और भी पूछताछ कर रही है। जल्द ही इस मामले से जुड़ी वास्तविक कहानी सामने आएगी।
गौरतलब है कि 18 जनवरी की रात को रीठी थानांतर्गत मझगवां गांव निवासी रामफल पिता शिवलाल पटेल अपने घर से फसल की तकवारी के लिए खेत गया था। खेत में ही एक कमरा बना था जहां पर किसान रात में रहता था और फसल की तकवारी करता था। लेकिन दूसरे दिन सुबह काफी देर तक जब रामफल घर वापस नहीं आया तो उसके परिजनों ने खेत जाकर देखा। खेत में बने कमरे में रामफल नहीं था, कमरे में खून फैला हुआ था। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने भी मौका मुआएना किया। इस मामले में किसान की हत्या किए जाने का संदेह जताया जा रहा था लेकिन किसान की लाश नहीं मिलने के कारण हत्या की पुष्टी नहीं की गई थी।
इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि किसान रामफल सतना जिले गया है जिसके बाद पुलिस टीम सतना जिले पहुंची और रामफल को अपने कब्जे में ले लिया। रीठी लाए जाने के बाद पूछताछ ने रामफल पटैल ने बताया है कि खाद्य और लोहे की सरिया खरीदने के कारण उस पर दो से तीन कारोबारियों का कर्जा हो गया था। इसी वजह से उसने अपनी ही हत्या की झूठी साजिश रची और कमरे में मुर्गे का खून फैलाकर वहां से चला गया। मामले की जांच पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान रामफल द्वारा दी गई जानकारी पर पूरी तरह से विश्वास नहीं है।