jabalpur

युवा बन गए बुजुर्गए बुजुर्ग बन गए युवा

चुनावी संग्राम में अपने आप को युवा बताने की कवायद
जबलपुरए नगर प्रतिनिधि । युवा जिसे कोई बांध नहीं सकता उसे युवा कहते हैं और युवा को उल्टा कर दो तो उसे कहते हैं वायु। वायु जो बहती रहती है अगर हल्की वह तो बेहतर और तेज हो गई तो बेहाल कर देती है परंतु राजनीति में युवाओं के शोषण की कहानी बहुत लंबी है मध्यप्रदेश में और इस देश में 50 से 60त्न मतदान युवा करते हैं। सभी पार्टियां अपने घोषणापत्र में करोड़ों नौकरियों देने की बात करती है पर आज भी देश में युवाओं का एक बहुत बड़ा हिस्सा बेरोजगार है।
भाजपा में युवा नेताओं की भूमिका
अगर बात करें हम भारतीय जनता पार्टी की तो आम जनता से पार्टी के कार्यकर्ता तक के सफर में 40 से 50 वर्ष निकल जाते हैं । विषय भोजन विश्राम जैसे शब्दों का सरोकार रखने वाली पार्टी में इस समय देखा जाए तो युवाओं को कार्यकर्ता बनना और फिर संगठन में बड़े पद पर जाने में ही बहुत समय लग जाता है तथा इस बात की प्रायिकता भी कम रहती है कि पद्म मनमाफिक होगा या भी नहीं ए एटीकेटी तो दूर की ही बात है। अगर बात करें भाजपा पार्टी में तो युवा विधायक बहुत ही कम है सारे विधायक 50 से ऊपर उम्र के नजर आते हैं।
भाजपा में युवा दावेदार
भाजपा में अनुशासन का बड़ा बोल वाला है जिसके चलते पार्टी गुटबाजी से तो दूर है पर अभिव्यक्ति की आजादी में कहीं ना कहीं आंखों से भाजपा पार्टी में युवा दावेदारों की फौज है सभी विधानसभा में युवा वर्ग टिकट के लिए लालायित हैं बात करें कैंट विधानसभा की जो युवा नेता और 50 के हो चले हैं फिर भी मन में ख्वाब है कभी तो पार्टी सुनेगी और उन्हें उम्मीदवार बनाकर घोषित करेगी। उत्तर मध्य विधानसभा में तो एक सक्रिय युवा नेता ने अविवाहित रहकर अपना पूरा जीवन संगठन को समर्पित कर दिया और उम्र 50 से ज्यादा हो गई है उन्हें अभी भी पार्टी उनके त्याग समर्पण और बलिदान को समझेगी। यही हाल पश्चिम विधानसभा के यहां पार्टी में शुरुआत में चार से पांच युवा दावेदार थे परंतु अब इन दावेदारों की संख्या कम हो गई क्योंकि पार्टी ने इन युवा दावेदारों पर कोई भी रुचि नहीं दिखाई है अभी भी कुछ युवा मोर्चा के पदाधिकारियों को आस है उन्हें भी टिकट मिल सकती है।
वहीं पूर्व विधानसभा के भी यही हाल है कुछ एमआईसी मेंबर अनुसूचित जाति मोर्चा के अधिकारी भी टिकट मांग रहे हैं और युवा वर्ग से बुजुर्ग हो गए हैं फिर भी एक टिकट की आस में आज भी बनी हुई है
कांग्रेस पार्टी में युवाओं की सक्रियता
कांग्रेस पार्टी में युवाओं को इतनी ज्यादा स्वतंत्रता है कि यह स्वतंत्रता कभी.कभी गुटबाजी का कारण बन जाती है जिस पार्टी की लीडरशिप स्वयं युवा नेता राहुल गांधी के हाथों में कहां युवाओं के टिकट के क्या हाल है आइए जानते।
कैंट विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के युवा नेता
कैंट विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के दो युवा नेता युवा जनता के मुद्दों पर संघर्ष करते नजर आए हैं देखना रोचक होगा किसके बलिदान को पार्टी समझेगी वही उत्तर मध्य में कांग्रेस में युवाओं को दरकिनार करके कुछ बुजुर्ग दावेदार अपने आप को युवा बताकर टिकट लाने की जुगत में लगे थे
दो युवा पहले से ही विधायक
कम से कम कांग्रेस के दो विधायक हैं और दोनों ही युवा दिखाई देते हैं।
बैनर पोस्टर में बन गए युवा
कुछ 50 वर्ष से ऊपर के नेताओं ने अपने नाम के आगे युवा लिखकर अपनी उपस्थिति युवाओं में दर्ज करा रहे हैं लता पार्टी में अपनी जन्म दिनांक से छेड़छाड़ करके पार्टी के मानदंड के हिसाब से अपने आप को कम उम्र का युवा दिखा रहे हैं। युवा को राजनीति में तरजीह देने की बड़ी.बड़ी बातें करने वाली देश की राजनीतिक पार्टियों ने मौजूदा चुनाव में युवाओं को टिकट देने में कंजूसी ही बरती है। प्रमुख पार्टियों ने पिछले चुनाव में 50त्न सीटों पर 35 वर्ष तक की आयु वाले युवाओं को दस फीसदी टिकट भी नहीं दिया। युवा जोश की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी हो या फिर युवा मुख्यमंत्री की समाजवादी पार्टीए दोनों ने ही 35 वर्ष तक के मात्र चार युवाओं को ही चुनाव मैदान में उतारा हैए जबकि भाजपा ने भी युवाओं को टिकट देने में कंजूसी बढ़ती है।
आम आदमी पार्टी ने सर्वाधिक 17 फीसदी युवाओं को टिकट दिया है। यद्यपि निर्दलीय चुनाव  में युवा पीछे नहीं हैं। तकरीबन 29 फीसदी निर्दलीय उम्मीदवारों में 28 फीसदी युवा हैं।

कांग्रेस पार्टी के ही प्रत्याशियों को देखा जाए तो पार्टी के प्रदेश में 35 वर्ष तक की उम्र के मात्र चार उम्मीदवार हैं। । वैसे पार्टी के युवा चेहरा माने जाने वाले 43 वर्ष के राहुल गांधी से कम उम्र के कांग्रेस के कम से कम 45 दावेदारहैं। पार्टी के 60त्न दावेदार जीवन के 50 वर्ष पार कर चुके हैं।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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