यातायात नियमों की अनदेखी कर युवा दौड़ा रहे वाहन
पन्ना ब्यूरो । वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना स्वयं के अलावा अन्य वाहन चालकों को भी भारी पड़ सकता है। यह यातायात नियमों के खिलाफ है। पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारी समय-समय वाहनों चालकों से समझाइश करते रहते है, लेकन कई दुपहिया व चार पहिया वाहन चालक मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाते नजर आते है। कई बार ऐसे वाहन चालक खुद दुर्घटना का शिकार हुए है तो कई बार उन्होंने अन्य वाहन चालकों व राहगीरों को मुश्किल में डाला है। बाइक से फर्राटे भरते युवा एक हाथ में मोबाइल थाम बात करते चलने को स्टाइल समझने लगे है। हद तो यह है कि यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे चालकों के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई ही अमल में नहीं लाई जाती।
लापरवाही के फर्राटे
खासकर युवा वाहन चालक भीड़-भाड़ वाले व्यस्तम चौराहों से रास्ता पार करते समय भी कान में मोबाइल लगाकर स्टेयरिंग घूमाते रहते है। शहर के गांधी चौराहा, बड़ा बाजार चौराहा, अस्पताल चौराहा के अलावा जिले के विभिन्न रूटों की ओर जाने वाले गली मोहल्ले व चौराहों में यह नजारा दिखाई देता है। इतना ही नहीं गणेश मार्केट व बड़ा बाजार के संकरे रोड पर भी युवा दुपहिया वाहन चालक बतियाते हुए मोटरसाइकिलों के हैंडिल दाये-बाये मोड़ते रहते है।
क्यों होते है हादसे
फारेलेन हाई वे के अक्सर खाली रहने वाले रोड पर सरपट वाहन दौड़ाना सरल है, लेकिन हाई वे पर बीच-बीच में बने डिवायडर के कट मोबाइल पर बात करते वक्त भारी पड़ सकते है। इन कट व बायपास पर जरा सी चूक से कई बार हादसे हुए है। एक हाथ से वाहन चलाने वाले चालकों को तो संभलने का अवसर भी नहीं मिल पाता है।
भारी पड़ सकता है शौक
ट्रैक्टर-ट्रॉली व ट्रक चालकों पर वाहन चलाते समय चर्चित गानों की धुन बजाते हुए स्टेयरिंग घुमाने का शौक भी निराला है। इन दिनों जिले के विभिन्न गांवों से यहां कृषि उपज मंडी समिति में गेहूं समेत कुछ अन्य जिसे लेकर पहुंचने वाले ट्रेक्टर-ट्राली चालक बड़े डेक व स्पीकर लगाकर ट्रेक्टर-ट्राली दौड़ाते रहते है। इससे भी ध्यान वाहन चालक का ध्यान प्रभावित होने से दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।

