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यह दूर दृष्टि, अंतर्भाव केवल “संजय” के पास ही संभव, संतों का हमेशा रहेगा आशीर्वाद: श्री युवराज स्वामी जी

vijayraghavgarh mahotsav 2023 विजयराघवगढ़ का ऐतिहासिक महत्व है, धार्मिक महत्व के रूप में मां शारदा का धाम और उनका आशीर्वाद इस धरा को प्राप्त है, अब ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के साथ आध्यात्मिक महत्व के रूप में विजयराघवगढ़ पूरे देश मे विख्यात होगा। वैसे भी जहां दो नदियों का संगम होता है वह भूमि प्रयाग का महत्व धारण करती है। ऐसे स्थान पर जो परिकल्पना का संकल्प आज संजय पाठक ने लिया है वह दूरदर्शिता और अंतर्भाव सिर्फ संजय के पास ही हो सकते हैं।

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कटनी के विजयराघवगढ़ में आज एक माह तक चलने वाले विजयराघवगढ़ महोत्सव के भूमि पूजन अवसर पर पूज्य गुरुदेव 1008 बदरी प्रपन्नाचार्य जी युवराज स्वामी ने अपने आशीर्वचन में यह विचार व्यक्त किये। युवराज स्वामी ने कहा कि विजयराघवगढ़ की भूमि पर संजय जो कार्य का संकल्प ले रहे हैं उससे क्षेत्र ही क्या पूरे देश में विजयराघवगढ़ की ख्याति होगी। यह कार्य सफल होगा संतों का आशीर्वाद सदैव संजय के साथ है और हमेशा रहेगा।

1008 श्री युवराज़ स्वामी ने कहा कि आप जो सुंदर कार्य करने जा रहे हैं उसके लिए पूरे भारतवर्ष के नागरिक आपके साथ होगा। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम जी की 108 फीट की अष्टधातु की प्रतिमा और प्रतिमा स्थल पर भगवान श्री राममंदिर अयोध्या जैसी आकृति का विशाल मंडप भारत माता का मंदिर आदि का संकल्प संजय का ऐतिहासिक संकल्प है और हमने देखा है संजय जिसका संकल्प करते हैं उनका वह भाव संतों की कृपा बुजुर्गों के आशीर्वाद से पूरा होता है।

श्री 1008 युवराज स्वामी ने कहा कि आज हम विजयराघवगढ़ महोत्सव का भूमि पूजन ही नहीं कर रहे वरन इस पूरे क्षेत्र में अपनी धार्मिक सामाजिक ऐतिहासिक विचारधारा का पुनुरूथान का संकल्प पूरा करने का भी कार्य कर रहे। यह विजयराघवगढ़ महोत्सव प्रदेश ही नही पूरे देश मे एक अलग पहचान स्थापित करेगा इस दौरान कई सन्त और विप्र जनों का हम सभी को मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।

इसके पूर्व विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने कहा कि मन मे भाव आया कि भगवान परशुराम जी की 51 फीट की प्रतिमा स्थापित की जाए गुरु रामभद्राचार्य जी को यह भाव बताया तो उनकी इच्छा और आज्ञा से यह प्रतिमा 108 फीट की करने का संकल्प लिया फिर सन्तजनों की इच्छाओं के अनुरूप यह भाव बढ़ता गया अब यह प्रतिमा अष्टधातु की बनेगी।

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इस प्रतिमा के स्थल से महानदी ओर कटनी नदी के संगम का सुंदर दृश्य दिखेगा यह मध्यप्रदेश ही नहीं भगवान परशुराम की पूरे देश की सबसे बड़ी प्रतिमा होगी। श्री पाठक ने कहा कि यह सन्त जनों पूज्य पिताश्री सत्येंद्र पाठक जी पूज्य गुरुदेव पंडित देवप्रभाकर शास्त्री जी और क्षेत्र के हजारों मातृ और पितातुल्य जनों का आशीर्वाद है कि इतने बड़े कार्य का संकल्प लिया है यह मेरा संकल्प नहीं बल्कि पूरे विजयराघवगढ़ के जन जन का संकल्प है और इसे पूरा करने हम सब सहभागिता निभाएंगे।

 

इससे पहले विधिविधान से मंत्रोच्चार के साथ युवराज स्वामी जी के सानिध्य में विजयराघवगढ़ महोत्सव का स्थल भूमि पूजन हुआ इस कार्यक्रम में बंजारी गांव में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

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