यशभारत की वर्षगांठ पर त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे से गूंजा उमाघाट
जबलपुर। माँ नर्मदा के तट ग्वारीघाट के उमाघाट में गुरुवार की शाम को हजारों भक्तों की उपस्थिति में माँ नर्मदा की महा आरती के दौरान वैदिक मंत्रों के साथ जय जगदानंदी, मैया जय आनंद्करनी ब्रह्मा हरिहर शंकर रेवा शिव हरी शंकर रुद्री पालान्ती, जय जगादानंदी की स्वरों की अनुगूंज से समूचा तीर्थ क्षेत्र धर्ममय हो उठा। मौका था लोकप्रिय सांध्यदैनिक यश भारत की बारहवीं वर्ष गांठ का। संपूर्ण महाकोशल में निर्भीक ,निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के साथ सफलतम 12 वर्ष पूर्ण कर 13 वे वर्ष में प्रवेश करने वाले यश भारत के परिवार ने मां नर्मदा के आंचल में भक्ति भाव के साथ यह वर्षगांठ उत्सवी माहौल में धूमधाम से मनाई। जिसमें पूज्य संतों सम्मानीय अतिथियों, शुभचिंतकों व यशभारत परिवार के सदस्यों और नर्मदा भक्तों ने शामिल होकर मां रेवा की महिमा का गुणगान किया और आशीर्वाद मांगा। इसके साथ नर्मदा के साथ शहर को स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया।

विराट आयोजन के सहभागी
उमा घाट में महाआरती का यह विराट आयोजन डीआईजी भगवत सिंह चौहान, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रमुख दिनकर शर्मा दंपति,वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महाकोशल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रभात साहू, यशभारत के संस्थापक आशीष शुुक्ला, डॉ रश्मि शुक्ला, अर्जुन अवार्डी सुश्री मधु यादव, कांग्रेस नेता पंकज पांडे, श्रीराम ग्रुप इं. के डारेक्टर राजुल करसोलिया, पुलिस अधिकारी द्वय राकेश तिवारी, नीरज वर्मा, अवधेश कटारे, पर्व जायसवाल, इशैलेन्द्र गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा पिंंटू, रविन्द्र पचौरी समेत बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति में महा आरती के संस्थापक संयोजक पं.ओंकार दुबे के आचार्यत्व में किया गया।

आलौकिक नजारा
उमाघाट में महाआरती के दौरान हरिद्वार और बनारस में गंगा तीरे जैसा आलौकिक नजारा था। जहां संतो और महात्माओं और अतिथियों ने महाआरती के उपरांत यशभारत को इसी तरह से सफलता की पायदान पर चढ़ने की मंगल कामना के साथ शुभाशीष दिया। शाम ठीक सात बजे जैसे ही वैदिक मंत्रों के साथ नर्मदाष्टक का श्रीगणेश हुआ समूचा माहौल भक्तिमय हो गया। मां नर्मदा महाआरती पांच ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के साथ शुरू की।
जीवन दायनी को प्रदूषणमुक्त की ली शपथ

समापन पर नन्हीं बालिका कुमारी तेजस्वनी ने सभी को जीवन दायनी मां नर्मदा को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए शपथ दिलाई। वे इस दौरान सभी ने स्वच्छता का संकल्प लिया कि वे न तो नर्मदा में प्रदूषण फैलाने वाली सामग्री को विसर्जन करेंगे और न ही पॉलीथिन आदि का उपयोग करेंगे। नर्मदा के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करने की भी शपथ ली।

संतों ने किया सम्मान

महाआरती के उपरांत सभी संतों वृंदावन से पधारे स्वामी राधेश्याम दास महाराज, राम भारती महाराज,तुलसी दास महाराज, धु्रवदास महाराज द्वारा यशभारत के संस्थापक आशीष शुक्ला दंपति को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। आकर्षक रांगोली को सबने सराहा आयोजन स्थल पर सुनील परांजपे के द्वारा यश भारत के सफलतम 12 वर्ष को उकेरी गई रांगोली को सभी ने सराहा और कलाकार की पीठ थपथपाई।


ये रहे उपस्थित
आयोजन के दौरान महाआरती परिवार के डॉ निशा दुबे, प्रकाश दुबे, ज्योतिराय, रीतेष राय, गोविंदा यादव, यश भारत परिवार के प्रवीण अग्रहरि, अम्बरीश तिवारी, राजेश शर्मा, रवि चौबे,आशीष तिवारी, विनोद वैद्य सृजन शुक्ला, अमित झा, रजनीश जोशी,प्रेमनारायण पांडे,मुकेश नवेरिया,रजनीश परोहा,सुरेश वर्मा,अनिल पांडे,मन्नू तिवारी, चिंटू शर्मा किशन विश्वकर्मा, वीरेन्द्र, राजेश, पप्पू कोरी आदि मौजूद रहे।



