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मोदी कैबिनेट ने IT हार्डवेयर के लिए 17000 करोड़ रुपये की PLI स्कीम को दी मंजूरी

modi cabinet

मोदी मंत्रिमंडल ने आईटी हार्डवेयर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को मंजूरी दे दी। 17,000 करोड़ रुपये के बजटीय व्यय के साथ ये स्कीम 6 साल की अवधि के लिए है। इसका मकसद हार्डवेयर के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और भारतीय कंपनियों की क्षमता को बढ़ावा देना है। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने आईटी हार्डवेयर के लिये पीएलआई स्कीम को मंजूरी दे दी।

 

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में सुधार

सरकार ने फरवरी 2021 में 7350 करोड़ रुपये के व्यय के साथ आईटी हार्डवेयर के लिये पहली पीएलआई स्कीम को मंजूरी दी थी। उसके बाद उसका संशोधित संस्करण लाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि पीएलआई स्कीम का नया वर्जन देश में कुल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को प्रति वर्ष 300 अरब डॉलर तक बढ़ा देगा। आईटी मंत्री ने बताया कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में भी सुधार देखा गया है। इस क्षेत्र में 1600 करोड़ रुपये का निवेश हुआ जबकि लक्ष्य केवल 900 करोड़ रुपये का था। भारतीय कंपनियों में से दो, जटिल रेडियो उपकरण के बहुत महत्वपूर्ण निर्यातक बन गए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण पर फोकस

केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण, जो केवल 20-29 बिलियन डॉलर था, नौ वर्षों में 100 बिलियन डॉलर को पार कर गया है। इसकी गति को बनाए रखने के लिए, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI) को मंजूरी दी गई है। इसमें लैपटॉप, पीसी, ऑल-इन-वन कंप्यूटर, सर्वर और अल्ट्रा-स्मॉल फॉर्म फैक्टर डिवाइस शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि इस प्रोत्साहन योजना से 3.35 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 2,430 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। इससे सीधे तौर पर 75,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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