Saturday, May 2, 2026
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मेरे PAPA मेरा Proude: दूल्हा बोला भंवरे पड़ने दो फिर बताएंगे, पिता के लिए अपशब्द सुन पापा की परी ने वहीं सिखाया सबक, सब रह गए हक्के बक्के

मेरे PAPA मेरा Proude: दूल्हा बोला भंवरे पड़ने दो फिर बताएंगे, पिता के लिए अपशब्द सुन पापा की परी ने वहीं सिखाया सबक, सब रह गए हक्के बक्के

हरदोई जिले के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र में बरात लेकर आए दूल्हे की बात पर विवाद हो गया। दरअसल, दूल्हे ने सुबह दुल्हन के पिता से कह दिया कि भंवरे पड़ने दो फिर बताएंगे। इन शब्दों को सुनकर दुल्हन खफा हो गई और अपने पापा के लिए सबके सामने ही शादी करने से इनकार कर दिया। बोला पेड़ पापा मेरा प्राउड हैं। कोई अपमान करे ऐसा कभी होने नहीं दूंगी।

 

इसके बाद पंचायत के माध्यम से मामला सुलझाने का प्रयास हुआ, लेकिन बात नहीं बनी।
जानकरी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के गांव राघौपुर के मजरा अंटिया निवासी महादेव की पुत्री रामलड़ैती की शादी  जनपद औरैया के निवासी आकाश बाबू पुत्र राजेश बाबू से तय हुई थी।
तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार की रात को बरात गांव पहुंची। बरात का स्वागत किया गया।
द्वारचार की रस्में पूरी होने के बाद भंवरे पड़नी की रस्म पूरी होनी थी। इस बीच बरात मे दूल्हे के पिता व मझवा के आने की चर्चा होने लगी। लोगों ने पिता और मझवा के न आने पर चर्चाएं शुरू कर दी।
दूल्हा बोला-भंवरे पड़ने दो..फिर बताएंगे
इस बीच गुस्से में आकर दूल्हे ने दुल्हन के पिता व परिजनों से अपशब्द कह दिए। दूल्हा बोला कि भंवरे पड़ने दो..फिर इन सब को बताएंगे। इससे मामला तूल पकड़ गया, जिसके चलते बरातियों और जनातियों में कहासुनी होने लगी। इससे बारात मे अफरातफरी मच गई।
खफा हुई दुल्हन का शादी से इनकार
घटना की जानकारी दुल्हन को हुई, तो उसने शादी  करने से इनकार कर दिया। काफी  कोशिश के बाद समझौता  जब नहीं हुआ, तो दोनों पक्ष समझौते के लिए प्रधानप्रतिनिधि राघवेंद्र सिंह उर्फ रेशू के पास गए। शनिवार को पूरे दिन समझौते होने का प्रयास चलता रहा।
अपना-अपना लेनदेन कर समझौता किया
समझौता न होने पर देर शाम बिना दुल्हन के बरात बैरंग वापस लौट गई। प्रधानप्रतिनिधि ने बताया कि दोनों पक्षों  ने अपना-अपना लेनदेन कर समझौता कर लिया है। कोतवाल शेषनाथ सिंह ने बताया कि किसी पक्ष से उनको सूचना  नहीं दी गई है। मामले का संज्ञान लिया जाएगा।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम