
शिलांग। मेघालय विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 21 सीटों पर जीत मिली। लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस यहां बहुमत हासिल नहीं कर पाई, लेकिन पार्टी यहां अपनी सरकार बनाने को लेकर सतर्क हो गई है।
गोवा और मणिपुर जैसा हाल यहां भी ना हो इसके लिए कांग्रेस ने अपनी सरकार बनाने की सारी जुगत लगाने की तैयारी शुरु कर दी है। इसी को लेकर देर रात मेघालय कांग्रेस के अध्यक्ष विंसेंट पाला और पार्टी महासचिव सीपी जोशी ने राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात की।
राज्यपाल को सौंपा दावेदारी पत्र –
बताया जा रहा है कि कांग्रेस की तरफ से सरकार बनाने की दावेदारी पेश करते हुए उन्हें लेटर सौंपा। लेटर में लिखा गया है कि कांग्रेस पार्टी राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर बनकर उभरी है। इसलिए संवैधानिक नियमों के अनुसार कांग्रेस को जल्द से जल्द सरकार बनाने के लिए निमंत्रण दिया जाना चाहिए। यह भी कहा गया है कि विधानसभा में तय दिन और समय के अनुसार पार्टी बहुमत सिद्ध कर देगी।
‘राज्य में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस आश्वस्त’ –
कांग्रेस के दिग्गज नेता कमल नाथ ने कहा कि हमने राज्यपाल को लेटर सौंप दिया है, जिसमें कांग्रेस पार्टी को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण देने की मांग की गई है। साथ ही बताया गया है कि चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर आई है। कमल नाथ के अनुसार कांग्रेस राज्य में सरकार बनाने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है।
कांग्रेस को सबसे अधिक सीट, पर बहुमत से पीछे –
मेघालय की 60 सीटों वाले विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा कांग्रेस को 21 सीटों पर जीत मिली। लेकिन इसके बावजूद भी वह बहुमत से पीछे रह गई। वहीं दूसरी तरफ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) को 19 सीटों पर जीत हासिल हुई है।
एनपीपी ने भाजपा से अलग चुनाव लड़ा था, लेकिन बहुमत से पिछड़ने पर वो भाजपा से गठबंधन कर कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर सकती है। भाजपा के साथ एनपीपी के गठबंधन के आसार भी मजबूत नजर आ रहे हैं। बता दें कि यहां भाजपा को सबसे कम दो सीटें मिली हैं।







