मध्यप्रदेश कांग्रेस में महेश्वर के बाद शहडोल में विरोध के स्वर


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस में महेश्वर के बाद शहडोल में भी असंतोष के स्वर सुनाई दे रहे हैं। महेश्वर में मंडलम् और सेक्टर को लेकर असंतोष था तो अब शहडोल में जिला अध्यक्ष की नियुक्ति पर नेताओं के बीच यह स्थिति बन रही है। शहडोल में तो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से भेजे गए प्रदेश के सह प्रभारी हर्षवर्द्धन सपकाल से वन-टू-वन चर्चा में लोगों ने शिकायतें भी की हैं।
विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस में असंतोष के स्वर तेज होने लगे हैं। हालांकि इसके लिए कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में समन्वय समिति बनाकर ऐसे नाराज नेताओं को मनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में सिंह ने काम शुरू कर दिया है। वे दिग्गज और छोटे नेताओं से मुलाकात करके समन्वय बैठाने के प्रयास कर रहे हैं।
सोमवार को दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की थी, जिसमें उनके साथ अरुण यादव की प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महामंत्री रहे अशोक सिंह भी थे। जबकि अशोक सिंह और सिंधिया के बीच इतनी नजदीकी कभी दिखाई नहीं दी। सूत्र बताते हैं कि ग्वालियर क्षेत्र के सिंधिया से नाराज रहने वाले कुछ नेताओं की भी दिग्गज नेताओं ने बैठक कराई है।
वहीं, शहडोल जिला अध्यक्ष के रूप में सुभाष गुप्ता की नियुक्ति से वहां के स्थानीय नेताओं में नाराजगी है। नीरज द्विवेदी को हटाकर उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।
सुभाष गुप्ता को अगस्त 2017 में निष्कासित किया गया था और उनके खिलाफ शहडोल नगर पालिका परिषद की अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने वाली वसुधा तिवारी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने का आरोप था। सूत्र बताते हैं कि सुभाष गुप्ता का निष्कासन समाप्त नहीं हुआ था और उन्हें जिला अध्यक्ष बना दिया गया। इससे स्थानीय नेताओं की नाराजगी बढ़ गई, जो उन्होंने सपकाल के सामने व्यक्त की।
हाईकमान से मिलने की कोशिशें जारी
उधर, महेश्वर में मंडलम् और सेक्टर के पदाधिकारियों के बदले जाने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। महेश्वर के निष्कासित नेता तो पार्टी ने बहाल कर दिए हैं लेकिन असंतोष अभी भी बरकरार है। मंडलम् और सेक्टर में बदले गए पदाधिकारियों को लेकर नेताओं की हाईकमान से मिलने की कोशिशें जारी हैं।
वन-टू-वन चर्चा की
जिला कांग्रेस कमेटियों में वन-टू-वन चर्चा कर रहे हैं। शहडोल में भी नेताओं से मुलाकात की है। चर्चा के बारे में सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं कर सकते।








