भोपाल में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी डॉक्टरों का प्रदर्शन: 6 महीने से अटका करोड़ों का भुगतान, NABH शर्त के खिलाफ सड़कों पर उतरे

भोपाल में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी डॉक्टरों का प्रदर्शन: 6 महीने से अटका करोड़ों का भुगतान, NABH शर्त के खिलाफ सड़कों पर उतरे

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का कैशलेस इलाज करने वाले निजी अस्पतालों के संचालकों का सब्र टूट गया है। पिछले 5-6 महीनों से योजना के बकाया भुगतान न मिलने और NABH (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) सर्टिफिकेशन की सख्त अनिवार्यता के विरोध में भोपाल के डॉक्टर बुधवार को विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए।

यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन (UPHDA) के बैनर तले डॉक्टरों ने जेपी अस्पताल परिसर स्थित आयुष्मान योजना के प्रदेश कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी की और धरना दिया।

प्रमुख मुद्दे और डॉक्टरों की चिंताएं:

1. 6 महीने से अटका करोड़ों रुपये का भुगतान

2. 1 अक्टूबर से NABH अनिवार्यता व डी-एम्पैनलमेंट की तलवार

मरीजों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर

अस्पताल संचालकों का कहना है कि यदि एक साथ दर्जनों छोटे और मध्यम अस्पतालों को योजना से बाहर किया जाता है:

मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

हॉस्पिटल एसोसिएशन ने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर व्यावहारिक समाधान निकालने की अपील की है।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि 1 अक्टूबर को अस्पतालों के खिलाफ बड़े पैमाने पर डी-एम्पैनलमेंट की दंडात्मक कार्रवाई की जाती है, तो पूरे मध्य प्रदेश में निजी अस्पताल सामूहिक रूप से हड़ताल और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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