भारत के पास पाक से ज्यादा दमदार परमाणु हथियार

नेशनल डेस्क। थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपरी) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान के पास भारत की तुलना में अधिक परमाणु हथियार (न्युक्लियर वॉरहेड) हैं। हालांकि भारतीय रक्षा विभाग के मुताबिक भारत के वॉरहेड अधिक सक्षम, अचूक और दमदार हैं।
भारत अत्याधुनिक परमाणु हथियार बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक परमाणु शक्ति से लैस दुनिया के कई देश अपने हथियारों का जखीरा कम करके मौजूदा हथियारों को ही अधिक घातक बना रहे हैं। दुनिया के कुल परमाणु हथियारों में से 92 फीसद अमेरिका और रूस के पास हैं।
दुनिया में कुल परमाणु हथियार: 14,465
अमेरिका और रूस की कुल में संयुक्त हिस्सेदारी: 92 फीसद
किसमें कितना दम
देश परमाणु हथियार
रूस 6,850
अमेरिका 6,450
फ्रांस 300
ब्रिटेन 215
चीन 280
पाकिस्तान 140-150
भारत 130-140
इजरायल 80
उत्तर कोरिया 10-20
चीन के दम पर पाकिस्तान
आर्थिक तंगहाली के बावजूद पाकिस्तान अपने हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। भले ही चीन से उधार लेकर देश चलाना पड़े, लेकिन वह रक्षा बजट और परमाणु हथियारों पर दिल खोलकर खर्च कर रहा है।
सुरक्षा को लेकर चौकस भारत
पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। वह ऐसे मिसाइल डिलीवरी सिस्टम तैयार कर रहा है जो जमीन, हवा और समुद्र में भी काम कर सकें। चीन लगातार अपने मौजूदा न्युक्लियर वीपन डिलीवरी सिस्टम को आधुनिक बनाने पर काम कर रहा है।
लिहाजा भारत भी पाकिस्तान की ही तरह अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाने और हवा, जमीन व समुद्र में काम करने वाले मिसाइल डिलीवरी सिस्टम तैयार कर रहा है। यह वॉरहेड विश्वसनीय होंगे और किसी भी हमले के जवाब में दागे जाने पर गंभीर नुकसान पहुंचाने में सक्षम होंगे। उम्मीद है कि अगले दशक में भारत के पास 200 परमाणु वॉरहेड होंगे।
भारतीय जखीरा
जमीन से मार करने वाले
– पृथ्वी-2 (350 किमी), अग्नि-1 (700 किमी), अग्नि-2 (2,000 किमी), अग्नि-4 (3,000 किमी)
-अग्नि-5 (5,000 किमी से अधिक) सेना में शामिल होने को तैयार, अग्नि-4 प्राइम (4,000 किमी) निर्माण की प्रक्रिया में।
हवा से मार करने वाले
– सुखोई-30 एमकेआइ, मिराज-2000 और जगुआर युद्धक विमान जिन्हें परमाणु बम गिराने के लिए बेहतर बनाया गया।
समुद्र से मार करने वाले
– सिर्फ एक परमाणु ऊर्जा संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (एसएसबीएन) आइएनएस अरिहंत (एस-2) जिसमें 750 किमी की रेंज वाली मिसाइल रखी जा सकती हैं।
-तीन अन्य एसएसबीएन विजाग में बनाई जा रही हैं। 13 हजार टन वजनी एस-5 श्रेणी की एसएसबीएन की परियोजना पाइपलाइन में है।









