श्योपुर। कहा जाता है कि दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आधे से ज्यादा मामले तो थाने तक पहुंच ही नहीं पाते। कोई महिला इज्जत के डर से तो कोई बदमाशों के खौफ से चुपचाप बैठ जाती है। 9 जुलाई को बड़ौदा के एक गांव में 14 साल की बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के प्रयास के मामले में भी ऐसा ही हो रहा था।