बोरवेल में फंसा बच्चा 5 दिन से था भूखा, जिंदगी की जंग हारा 2 साल का फतेहवीर
वेब डेस्क। पंजाब के संगरूर में 110 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन कामयाब नहीं रहा. हालांकि मंगलवार तड़के दो साल के मासूम फतेहवीर को गहरे बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. मंगलवार सुबह लगभग 5:12 बजे जब उसे बोरवेल से निकाला गया, तब उसकी हालत बेहद नाज़ुक थी. फतेहवीर को फौरन अस्पताल ले जाया गया, मगर तब तक उसके शरीर पर सूजन बताई जा रही थी. मासूम की धड़कनें भी रुक-रुक कर चल रही थीं. आखिर में वो जिंदगी की जंग हार गया.

दरअसल संगरूर में पांच दिन पहले फतेहवीर 150 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था. जिसके बाद प्रशासन और गांव के लोग रात-दिन उसे बाहर निकालने में जुटे रहे थे. लेकिन उन्हें नाकामी हाथ लगी. बता दें कि 7 इंच चौड़े इस बोरवेल को कपड़े से ढंक दिया गया था, जिसके चलते मासूम उसे देख नहीं सका और खेलते-खेलते वो इसमें गिर गया.
फतेहवीर की मां ने उसे बोरवेल में गिरते देख लिया था लेकिन जब तक वो वहां पहुंची मासूम बच्चा बोरवेल में काफी अंदर फंस चुका था. शुरुआत में स्थानीय लोगों ने उसे खुद के स्तर पर बच्चे को निकालने की कोशिश की, लेकिन बाद में कुछ न होता देख प्रशासन को इसकी खबर दी गई. इसके बाद एनडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी वहां पहुंचे और फिर करीब 110 घंटे की कवायद के बाद उसको बाहर निकालने में सफलता मिली, लेकिन वो जिंदा बच ना सका.
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फतेहवीर को ऑक्सीजन मुहैया कराने में कामयाबी मिल गई थी, लेकिन उस तक खाना और पानी पहुंच नहीं पा रहा था. बोरवेल में फंसा बच्चा 5 दिन से भूखा था.
फतेहवीर का पोस्टमॉर्टम पीजीआई चंडीगढ़ में 5 डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया जाएगा. वहीं, इस दौरान पंजाब सरकार की ओर से मोहाली के एसडीएम मौजूद रहेंगे. परिवार के सवालों को देखते हुए फतेहवीर के दादा भी पोस्टमॉर्टम के वक्त अंदर मौजूद रहेंगे.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मासूम फतेहवीर की मौत पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘फतेहवीर की दुखद मौत की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. मैं वाहे गुरु से प्रार्थना करता हूं कि वो उसके परिवार को इस कष्ट को सहन करने की शक्ति दें. फिलहाल सभी डीसी से खुले बोरवेलों को लेकर रिपोर्ट मांगी है ताकि भविष्य में इस प्रकार के खतरनाक हादसों से बचा जा सके.

