बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के बैरक से मिला एंड्रॉयड फोन; VIP सेक्शन से हटाकर सामान्य सेल में भेजा, जेल सहायक अधीक्षक सस्पेंड

बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के बैरक से मिला एंड्रॉयड फोन; VIP सेक्शन से हटाकर सामान्य सेल में भेजा, जेल सहायक अधीक्षक सस्पेंड
बेंगलुरु: दुष्कर्म (बलात्कार) के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल के वीआईपी सेक्शन में बंद प्रज्वल रेवन्ना के बैरक से एक ‘एंड्रॉयड’ मोबाइल फोन बरामद होने के बाद प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। उन्हें वीआईपी सेक्शन से निकालकर करीब 20 अन्य कैदियों के साथ सामान्य सेल (General Cell) में शिफ्ट कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर 17 सेकंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रेवन्ना को जेल की कोठरी में फोन पर बात करते हुए देखा गया है।
जेल प्रशासन का सख्त एक्शन: सस्पेंशन और यूनिफॉर्म अनिवार्य
जेल में मोबाइल मिलने की घटना के बाद प्रशासन ने निम्नलिखित सख्त कदम उठाए हैं:
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सामान्य कैदियों जैसी दिनचर्या: रेवन्ना को अब अनिवार्य रूप से कैदियों की आधिकारिक वर्दी पहननी होगी और जेल के पुस्तकालय (Library) में काम करने का आदेश दिया गया है।
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सहायक अधीक्षक सस्पेंड: जेल एवं सुधार विभाग के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि लापरवाही बरतने पर सहायक अधीक्षक (Assistant Superintendent) ईरन्ना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस: जेल अधीक्षक अंशुकुमार को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किया गया है।
CCB की छापेमारी में पकड़ा गया फोन
डीजीपी आलोक कुमार के अनुसार, सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की टीम ने मंगलवार दोपहर जेल में औचक छापेमारी की थी, जिसके दौरान रेवन्ना के पास से एंड्रॉयड फोन जब्त हुआ। इससे पहले 6 अगस्त को भी तलाशी ली गई थी, लेकिन तब कोई प्रतिबंधित वस्तु नहीं मिली थी। पुलिस इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद जेल के भीतर फोन कैसे पहुंचा।
कर्नाटक की राजनीति में उपजा सियासी घमासान
विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम से कर्नाटक की राजनीति में हड़कंप मच गया है:
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विपक्ष हमलावर: विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट देने के आरोप लगाए हैं और सदन की कार्यवाही बाधित करने की चेतावनी दी है।
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रेवन्ना का आपराधिक बैकग्राउंड: पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को यौन उत्पीड़न के कई मामलों के बाद अगस्त 2025 में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने बलात्कार के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह 2019 से 2024 तक हासन से लोकसभा सांसद रहे हैं।








