नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (NGT) ने कहा है कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के अनुपालन एवं अन्य विषयों पर उसके द्वारा बनाई गई समितियों को राज्य बिना उसकी मंजूरी के भंग नहीं कर सकते हैं।
हरित पैनल ने उत्तर प्रदेश सरकार को राज्य के मुख्य सचिव द्वारा पारित आदेश को दुरुस्त करने के लिए उपयुक्त आदेश जारी करने का निर्देश देते हुए यह कहा।
मुख्य सचिव ने NGT द्वारा गठित राज्यस्तरीय समिति को भंग करने का आदेश दिया है। NGTने कहा कि गंभीर पर्यावरणीय क्षति के उपचार में राज्य के तंत्र की विफलता की शिकायत पर उसने समिति गठित की थी।
कानून लागू करने में मदद करने के लिए समिति बनाई गई थी। NGT अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘ऐसी समितियों को NGT को जानकारी दिए बगैर राज्य भंग नहीं कर सकते हैं। राज्य सहित पार्टियों की आपत्ति/उल्लेख की योग्यता के आधार पर ट्रिब्यूनल सुनवाई करेगा।






















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