बहादुर बेटी को शाबास: मंडप में शराब पीकर बैठा दूल्हा, दुल्हन ने शादी से किया इंकार, बारात बैरंग वापस

सीधी, मझौली। बारात लेकर आए दूल्हे राजा को शादी की आधी रस्म पूरा होने के बाद शराब पीकर मण्डप पे बैठना उस समय भारी पड़ गया जब उसकी हरकतें देख व सुनकर दुल्हन व उसके परिजन ने शादी करने से मना करने के साथ बारात को खाली हाथ वापस भेज दिया जो ग्राम बगैहा ही नही पुरे विकास खण्ड मझौली में चर्चा का विषय बनी रही।

जानकारी के अनुसार अनारकली पिता लाल केवट 22 वर्ष निवासी ग्राम बगैहा का विवाह प्रदीप पिता जयप्रकाश केवट निवासी बिरज कनौज जनकपुर जिला कोरिया छत्तीसगढ़ से परिवारों की मर्जी से होना तय हुआ। 9 अप्रैल को ओली एवं बरीक्षा की रस्म भी अदा की गई। 25 अप्रैल को शादी की तय तिथि के साथ तय तिथि पर बारात भी आई लेकिन पहली रस्म द्वारचार व जयमाला के साथ ही दूल्हा बने प्रदीप द्वारा शराब के नशे में गलत हरकतें शुरू कर दी।

तब लड़की पक्ष वालों ने इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। दूल्हा बने प्रदीप के द्वारा शादी के मण्डप पर हदें पार कर देने वाली हरकतों ने उसका नशे में होने का भांडा फोड़ दिया। उसकी हरकतें सुन व देख रही दुल्हन अनारकली द्वारा उसके साथ शादी करने से मना कर दिया। दुल्हन बनी अनारकली के इस निर्णय पर उसके घर वालों ने भी उसका साथ दिया। आधी शादी हो जाने के बाद भी दूल्हे की इस शराबखोरी की हरकत की वजह से बगैर दुल्हन के ही सुबह बारात वापस लौट गई।

पानी की बोतल के बहाने पी रहा था शराब-

शादी में उपस्थित ग्रामीणों की माने तो जयमाला के समय से ही स्टेज पर उसके दोस्तों द्वारा बिसलरी की बॉटल में पानी की जगह उसे शराब दी जाती रही। लेकिन उसकी हरकतें व देशी शराब की महक ने उसकी पोल खोल दी परन्तु उस समय नशा कम होने के कारण वह अपने काबू में था लेकिन मण्डप पर पहुंचते ही उस पर नशा हावी हो गया व वह अनाप-शनाप बकने के साथ पास में रखी कटार से लड़की को काटने की बात करने लगा जिसको सुनते ही दुल्हन के साथ उसके परिजन ने भी शादी को रोककर बारात को खाली हाथ लौटा दिया।

बहन की शादी को लेकर सभी उत्साहित थे व अपनी औकात के हिसाब से सभी तैयारी भी करवाई थी लेकिन शराब के नशे में दूल्हे की हरकतें देखकर शादी रोकना ही बेहतर लगा। प्रीतम केवट, लड़की का भाई

हर बाप का सपना होता है कि उसकी लड़की को अच्छा घर व वर मिले जिसके साथ वह अपना पूरा जीवन सुख के साथ बिताए लेकिन लड़के द्वारा शादी के मण्डप पर किए गए कृत्य से बेटी को सौंपने की हिम्मत नहीं जुटा पाया हालांकि एक-एक पूंजी जोड़कर रखी थी पर समय रहते उसकी हरकतें देख निर्णय लेने पर पछतावा नहीं है।

-लाला केवट, लड़की के पिता

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