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बरेला-रिछाई और जमुनिया में अब भी मातम का माहौल, एक घायल विक्टोरिया में और एक मेडिकल में

जबलपुर, । गत दिवस बरेला थाना क्षेत्र में शारदा मंदिर के सामने हुए हादसे में मृत पांचों व्यक्तियों के शवों का पंचनामा करवाकर पुलिस ने उन्हें पीएम के लिए भिजवा दिया था। जबकि तीन लोग घायल हुए थे जिन्हें उपचार के लिए विक्टोरिया चिकित्सालय भेजा गया था जहां एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय रिफर किया गया है जबकि एक अन्य को प्राथमिक उपचारके बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।

गत सुबह हुई इस घटना से रिछाई और जमुनिया गांव में अब भी शोक का माहौल निर्मित है और मंडला रोड में आए दिन होने वाले हादसों से लोगों में आक्रोश भी व्याप्त है। ज्ञात हो कि शारदा मंदिर के सामने पुरवा पटपरा बरेला निवासी 14 वर्षीय नंदकिशोर झारिया ने पुलिस को बताया कि उसकी शारदा मंदिर के सामने चाय नाश्ते की दुकान है सुबह लगभग साढ़े आठ बजे मंडला की तरफ से आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 08-2625 के चालक ने तेज रफ्तार एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए उसके ठेले में टक्कर मारता हुआ प्रदीप तिवारी, नत्थू तिवारी, गुड्डू तिवारी, आशीष शुक्ला तोड़ते हुए मकान में घुस गया।

उसकी दुकान के सामने उसके जीजा दिलीप झारिया खड़े थे जिन्हें भी ट्रक ने टक्कर मारी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। दुकान के सामने खड़ें बाल किशन मरावी, सतीश यादव, भूपेश आर्मो, कुमारी वंशिका तिवारी भी ट्रक की टक्कर कीचपेट में आ गयीं और उनकी भी मौत हो गयी। जबकि इस घटना में नंदकिशोर झारिया, सुमनर झारिया, कंधीलाल को चोट आने के कारण उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया।

पुलिस ने भूपेश आर्मो, वंशिका तिवारी, सतीश यादव, दिलीप झारिया सभी सभी शारदा बरेला निवासी और जमुनिया निवासी बालकृष्ण मरावी के शवों का पंचनामा कर पीएम के लिए भिजवाते हुए आरोपी ट्रक चालक महाराजपुर छतरपुर निवासी सुशील चौरसिया को अभिरक्षा में ले लिया है।
महिलाओं के आक्रोश से बिगड़ी स्थिति
सूत्रों की मानें तो पुलिस की लेट लतीफी से घटना के काफी देर बाद पुलिस के पहुंचने से लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। घटना की सूचना लगने पर थाना प्रभारी और सीएसपी तथा पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था किंतु आक्रोशित जनता का कहना था कि जब तक एसपी कलेक्टर मौके पर नहीं आते वे शवों को नहीं उठाने देंगे। इसी बीच महिलाओं ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। जिसके बाद हालात बिगड़ने लगे और भारी भीड़ मौके पर जमा हो गयी और पुलिस कर्मियों को खदेड़ने के साथ ही उनके साथ मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़ तथा आगजनी भी की। लोगों का आरोप है कि यहां पर पुलिस की शह पर सड़क के दोनों तरफ वाहन खड़े रहते हैं। जिनके कारण आये दिन दुर्घटनाएं घटित होती रहती हैं। माहौल गरमाते देख पुलिस को पीछे हटना पड़ा। घटना की गंभीरता की खबर लगते ही कलेक्टर एसपी के साथ ही क्षेत्रीय विधायक और दूसरे जन प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे लोगों का कहना है कि रात के वक्त में यहां सड़क के दोनों तरफ डम्पर खड़े रहते हैं।
गुमराह करने का भी आरोप
स्थानीय लोगों ने पुलिस पर यह आरोप भी लगाया है कि घटना की सूचना पुलिस को देने के बाद पुलिस विलंब से मौके पर पहुंची जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस लोगों को कभी यह कहकर गुमराह कर रही थी कि रात्रि गश्त होने के कारण आने में समय लग गया तो कभी यह कहा गया कि पुलिस ने समझा कि महाराजपुर के पास रिछाई इंण्डट्रियल एरिया स्थित है घटना वहां हुई है इसलिए पुलिस वहां चली गयी। यह सोचने वाली बात है कि जब बरेला थाने को घटना की सूचना दी गयी तो महाराजपुर रिछाई कहां से आ गयी। कुल मिलाकर इस घटना से क्षेत्र में शोक का वातावरण व्याप्त है।

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