बदल गई किस्मत, 7 साल से खेतों में तलाश रहा था, मिला 35 लाख का हीरा

पन्ना। रत्नगर्भा पन्ना की धरती में रंक से राजा बनने में समय नहीं लगता है। इसका शुक्रवार को एक उदाहरण देखने को मिला है। यहां के एक किसान की किस्मत देखते-देखते ही पलट गई। वह बीते 7 साल से एक हीरा की तलाश में खेतों में बनी उथली खदानों में खुदाई कर रहा था।
किसान को खेत में खुदाई के दौरान चमचमाता हीरा मिला। यह 12.58 कैरेट का जैम (उज्जवल) क्वालिटी का हीरा है। इसकी अनुमानित कीमत 35 लाख है। किसान ने इसे हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। यहां 20 फीसदी शासकीय रॉयल्टी काटने के बाद उसे भुगतान कर दिया जाएगा।
पन्ना से 5 किमी दूर ग्राम जनकपुर में रहने वाला प्रकाश शर्मा ने बताया कि वह 7 सालों से हीरे की उथली खदानें लेकर खुदाई कर रहा है। लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। उसे हीरे की खदान लगाने का शौक था और खेती-बाड़ी से जो आय होती थी उसके कुछ पैसे से उथली खदान लगाता था। जब मुख्यालय स्थित हीरा कार्यालय में हीरा जमा करने आया तो उसे भी उम्मीद नहीं थी कि यह हीरा इतना कीमती होगा। जैसे ही किसान को पता चला हीरा जैम क्वालिटी का व लाखों रुपए का है तो खुशी से उसकी आंखों में आंसू छलक आए।
पन्ना जिले में 15 अक्टूबर 1961 को सबसे महंगा हीरा 44.55 कैरेट का रसूल मोहम्मद को मिला था। उस समय उसकी कीमत 3 लाख रुपए लगी थी, जो आज के हिसाब से करोड़ से ज्यादा होगी। 1 अक्टूबर 2014 को भी 12.93 कैरेट का हीरा अनंत सिंह को मिला था।
कम निकलते हैं उज्जवल क्वालिटी के हीरे
किसान को मिला हीरा सफेद रंग उज्जवल क्वालिटी का है। उसमें चमक की अलग ही किरणें निकल रहीं थीं। लोगों का कहना था कि इस किस्म के हीरे और बनावट के कम ही निकलते हैं और बहुत ही भाग्यशाली व्यक्ति होता है जिसे इस प्रकार का हीरा मिलता है।
कई खेतों में चलती है हीरे की उथली खदानें
जिले में मुख्यता बृजपुर क्षेत्र में कई खेतों में हीरे की खदानें चलतीं हैं। उन्हें यहां के हीरा विभाग द्वारा वैध पट्टा भी दिए जाते हैं। ताकि उन खदानों में हीरा मिले तो वे उसे जमा करा सकें। इस प्रकार की खदानों में खेत के मालिक को भी लाभ होता है। किसान अपनी-अपनी शर्तों के अनुसार जमीन उपलब्ध कराता है।








