फेसबुक विवाद के बीच दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने दर्ज किया एशिया पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास का बयान

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने फेसबुक की दक्षिण एशिया पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास का बयान मंगलवार को दर्ज कर लिया है।
अंखी दास ने सोशल मीडिया के जरिये जान से मारने की धमकी की शिकायत पुलिस में की थी।
अंखी दास ने अपनी शिकायत में जिन लोगों के बारे में बताया है उन सभी की पहचान की जा रही है।
कल इस मामले में साइबर सेल ने एफआईआर दर्ज की थी।
सोमवार को ही साइबर सेल को सौंपी गई थी जांच
फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अंखीदास ने पुलिस को बताया, उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें भद्दे मैसेज व गालियां पोस्ट की जा रही हैं।
अंखी दास को फेसबुक पर हेट स्पीच को लेकर बनाई गई गाइडलाइंस का पालन नहीं करवाने के आरोपों के बाद यह धमकियां दी जा रही हैं। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता डॉ. ईश सिंघल ने बताया कि मूलरूप से पश्चिमी बंगाल निवासी अंखी दास फेसबुक की इंडिया और साउथ-सेंट्रल एशिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर हैं।
2011 से वह यह जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्होंने सोमवार सुबह कई जिला पुलिस को मेल कर अपनी शिकायत दी। इसके बाद शिकायत को साइबर सेल को ट्रांसफर कर दिया गया। अंखी दास ने कहा,उन्हें फेसबुक व ट्विटर पर अलग-अलग लोगों से जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके अलावा भद्दी टिप्पणियां व गालियां लिख रहे हैं।
उन्होंने ऑनलाइन पोस्टिंग व कंटेंट के जरिए खुद को खतरा बताया है। उन्होंने शिकायत में उन ट्विटर व फेसबुक हैंडल का नाम भी लिखा है, जिनसे उनको धमकियां मिल रही हैं।
इस रिपोर्ट पर छिड़ा है विवाद
अंखी दास ने दिल्ली पुलिस को शिकायत उस समय दी है कि जब फेसबुक को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है।
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में ‘फेसबुक हेट-स्पीच रूल्स कोलाइड विद इंडियन पॉलिटिक्स’ हेडिंग से प्रकाशित रिपोर्ट के बाद भारत में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू है।
अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में कहा गया कि फेसबुक भारत में भाजपा नेताओं के हेट स्पीच के मामलों में नियमों में ढील बरतता है। वॉल स्ट्रीट की रिपोर्ट के बाद ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर सवाल उठाए थे।
फेसबुक से पहले अंखी दास माइक्रोसॉफ्ट के लिए काम कर चुकी हैं। वह माइक्रोसॉफ्ट इंडिया में सार्वजनिक नीति, कानूनी और कॉरपोरेट मामले में निदेशक रही थीं।








