फिर मुसीबत:जूनियर की खत्म, कल से NMC के विरोध में सीनियर डॉक्टर हड़ताल पर

नई दिल्ली। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) बिल के खिलाफ डॉक्टर एक बार फिर लामबंद होने लगे हैं। इस क्रम में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने आनन-फानन में शनिवार को देशभर के सभी अस्पतालों व नर्सिंग होम में एकदिनी हड़ताल की घोषणा की है।
एसोसिएशन ने सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों से भी हड़ताल करने की अपील की है। हालांकि, दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में हड़ताल नहीं होगी। निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में ओपीडी सेवा प्रभावित हो सकती है। इमरजेंसी सेवा प्रभावित नहीं होगी।
सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठनों का कहना है कि आइएमए ने बहुत जल्दबाजी में हड़ताल की घोषणा की है। सभी अस्पतालों के डॉक्टर एनएमसी बिल के खिलाफ एसोसिएशन के साथ हैं, मगर सरकारी अस्पतालों में इतने कम समय के नोटिस पर हड़ताल संभव नहीं है। इसलिए एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज व लोकनायक सहित सभी अस्पतालों में सामान्य रूप से मरीजों का इलाज होगा।
आइएमए के महासचिव डॉ. आरएन टंडन ने कहा कि संसदीय समिति ने एनएमसी के 24 प्रावधानों में बदलाव की सिफारिश की थी, जबकि सरकार ने सिर्फ प्रस्तावित ब्रिज कोर्स खत्म करने का फैसला लिया। उस पर भी इसे राज्यों के ऊपर छोड़ने की बात कही गई है।
एनएमसी बिल पास होने से मेडिकल शिक्षा में निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही इसमें सरकार व नौकरशाही का दखल बढ़ेगा। इसलिए विरोध स्वरूप एकदिनी हड़ताल की घोषणा की गई है।








