मध्यप्रदेश

प्रदेश के मंत्रियों के साथ दिल्ली में बैठक, CM कमलनाथ ने दिया रात्रिभोज, निर्णय को लेकर मची खलबली

भोपाल। दिल्ली में मध्यप्रदेश के दिग्गजों की सक्रियता से राज्य की सियासी सरगर्मी तेज हो गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अपने मंत्रियों के साथ बैठक के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ का राज्यों की कांग्रेस सरकारों के मुख्यमंत्रियों सहित कांग्रेस नेताओं के डिनर से हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के दो दिन दिल्ली में रहने और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात में प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल का फैसला भी हो जाए।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर असमंजस की स्थिति के बीच दिल्ली में मध्यप्रदेश कांग्रेस की राजनीति के दो ध्रुव मुख्यमंत्री कमलनाथ और सिंधिया की एक समय में मौजूदगी से वहां राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। सिंधिया ने गुरुवार को अपने समर्थक मंत्रियों के साथ दिल्ली में बैठक की।

जो मंत्री वहां सिंधिया से मिले उनमें गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, डॉ. प्रभूराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसौदिया और इमरती देवी शामिल हैं। कुछ समय पहले तक सिंधिया के साथ रहने वाले लाखन सिंह यादव बैठक में नहीं थे। पता चला है कि वे इन दिनों कैंप की गतिविधियों से दूरियां बना चुके हैं।

वहीं, शुक्रवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस नेताओं को भोज पर आमंत्रित किया। इसमें नाथ सहित कांग्रेस शासित अन्य चार राज्यों के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत, भूपेश बघेल, अमरिंदर सिंह और नारायण सामी के अलावा अहमद पटेल, आनंद शर्मा और दिग्विजय सिंह विशेष रूप से बुलाए गए थे।

हालांकि बताया जा रहा है कि इस बैठक का उद्देश्य नीति आयोग की बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की रणनीति पर चर्चा है लेकिन इसके पीछे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को यह संदेश देना भी बताया जा रहा है कि वे अध्यक्ष पद पर बने रहें ।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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