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प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं, एक अपै्रल 2019 से लागू होगा नया नियम

जबलपुर। अगले साल एक अप्रैल से वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल पीयूसी प्रमाण.पत्र समय पर बनवाना और रिन्यू करवाना जरूरी होगा। बिना पीयूसी सार्टिफिकेट के एक अप्रैल 2019 से कोई भी अपनी गाड़ी का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस भी नहीं करा सकेंगे। दरअसल सरकार ने बीमा कंपनियों की दिक्कत और बढ़ते वाहनों के प्रदूषण को देखते हुए पीयूसी प्रमाण.पत्र के ब्योरे ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए पीयूसी प्रमाण.पत्र के ब्योरे सड़क मंत्रालय के वाहन और सारथी पोर्टलों पर एकीकृत किए जा रहे हैं। ज्यादातर राज्यों ने अपने ट्रांसपोर्ट सिस्टम और प्रक्रियाओं को दुरुस्त और ऑनलाइन कर सेंट्रल पोर्टल के साथ जोडऩे की प्रक्रिया तेज कर दी है। पूर्वोत्तर के कुछ राज्य बचे हैं। वे भी 31 मार्च तक सेंट्रल सिस्टम से जुड़ जाएंगे।
साथ रखने की नहीं होगी जरूरत
अगर आपने पीयूसी सर्टिफिकेट ले रखा है तो आपको रजिस्टे्रशन कार्ड और ड्रायविंग लायसेंस की तरह पीयूसी का कागजी दस्तावेज लेकर चलने की आवश्यकता नहीं होगी। कोई आपसे इन कागजात की मांग करे तो आप उससे मोबाइल के जरिए वाहन और सारथीष पोर्टल पर जाकर ब्योरा चेक करने को कह सकते हैं अथवा स्वयं अपने मोबाइल पर उसे दिखा सकते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आईटी एक्ट के तहत सभी डिजिटल दस्तावेज और सर्टिफिकेट उसी प्रकार मान्य और वैध हैं, जिस प्रकार कागजी सर्टिफिकेट, इसलिए कोई पुलिसकर्मी या आरटीओ कागजी दस्तावेज के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अप्रैल से कम से कम गाड़ी का बीमा कराने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को छोड़कर पेट्रोल, डीजल और सीएनजी चालित सभी वाहनों के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उठाया कदम
वैसे तो मोटर वाहन नियम 1989 के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों को छोड़कर बाकी सभी प्रकार के पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, एलपीजी आदि से चलने वाले वाहनों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट अनिवार्य है। नए वाहन के साथ एक वर्ष तक वैध पीयूसी मिलता है। उसके बाद हर छह महीने में नया सर्टिफिकेट लेना आवश्यक है लेकिन व्यवहार में इस कानून का पूरी तरह पालन नहीं होता। परिणामस्वरूप ज्यादातर वाहन चालक हानिकारक उत्सर्जन के साथ अपने वाहनों को सड़कों पर दौड़ाते और वायुमंडल को प्रदूषित करते रहते हैं। इसी प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए ही सुप्रीम कोर्ट ने वाहन बीमा के लिए पीयूसी को अनिवार्य करने को कहा था।
बीमा कंपनियों ने बताई थीं व्यवहारिक अड़चनें
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सड़क मंत्रालय ने मई में बीमा नियामक इरडा से और इरडा ने बीमा कंपनियों से वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट को अनिवार्य करने को कहा था। लेकिन बीमा कंपनियों ने इसमें तकनीकी और व्यावहारिक अड़चनें बताई थीं। इनमें एक अड़चन पीयूसी डेटा ऑनलाइन नहीं होने की थी, लेकिन सड़क मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर इसे अनिवार्य कर दिया।

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