राष्ट्रीय
पैरालिसिस अटैक के बाद आखिरकार थम गईं सुल्तान की सांसें

इंदौर।चिड़ियाघर प्रबंधन ने सुल्तान को बचाने की काफी कोशिश की लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि शेर सुल्तान 14 महीने का था और लोगों के आकर्षण का केंद्र था।
लेकिन करीब 2 सप्ताह पहले सुल्तान को लकवा मार गया था। इसके बाद से ही सुल्तान का चलना-फिरना लगभग बंद हो गया था। प्राणी संग्रहालय प्रबंधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी देखरेख कर रहे थे, लेकिन आखिरकार बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई।








