पीएम ने सांसदों की दी सलाह- टिफिन पार्टी से लोगों तक पहुंचे कल्याणकारी योजनाएं

नई दिल्ली। आम जनता तक सरकार की स्कीम्स को पहुंचाने के लिए पीएम मोदी तरह-तरह की अपील करते रहते हैं। इस बार उन्होंने अपने सासंदों से टिफिन पार्टी करने के लिए कहा है। भाजपा की संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने अपने सांसदों को भाजपा के सांसदों को बजट में घोषणा की गई कल्याणकारी योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए कहा।
बैठक में मौजूद नेताओं के मुताबिक, बजट की योजनाओं का जितना सरल और प्रभावी तरीके से प्रचार किया जाएगा, उनता ही फायदा पार्टी को अगामी चुनावों में मिलेगा। सांसदों की सफलता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़ी है। पीएम ने सांसदों से कहा कि बूथों पर बजट की योजनाओं की चर्चा हो, इसके लिए टिफ़िन पार्टियां करें। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि बूथों पर अपने-अपने टिफिन लेकर जाएं और लोगों के साथ मिलकर खाना खाएं। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच बजट को लेकर बात करें और उन्हें बताएं किस प्रकार यह बजट जनहित में है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक में कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों में पीएम मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष ने व्यवधान किया, जो गलत था। भाजपा सांसदों ने इसकी निंदा की। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वो अलोकतांत्रिक है।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 90 मिनट के भाषण के दौरान कांग्रेस पार्टी के सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। पीएम मोदी को परेशान करते रहे। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री को अपनी बात सदन के सामने रखनी पड़ी। राहुल गांधी को याद रखना चाहिए कि जब मनमोहन सिंह 10 साल तक प्रधानमंत्री थे, तब संसद में इस तरह की स्थिति कभी भाजपा सांसदों ने पैदा नहीं होने दी थी।
इस बैठक में उपचुनाव को लेकर पर भी पार्टी नेताओं ने न केवल चर्चा की बल्कि रणनीति पर भी विचार किया। 11 मार्च को यूपी की दो और बिहार की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। आज ही चुनाव आयोग ने इसकी तारीखों की घोषणा की है। इसके अलावा शाह ने राफेल विमान सौदे पर सरकार पर कांग्रेस के हमले के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने भाषण में विभिन्न पहलुओं पर छुआ था। राफेल सौदा का विस्तृत विवरण संसद में साझा किया गया है, लेकिन हर हथियार और उनकी लागत के बारे में जानकारी सहित सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा सकते हैं।








