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परम्परा बचाने बैलगाड़ियों से रवाना होगी बारात, दुल्हन की विदाई भी बैलगाड़ी से

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बरही । कौन दिशा में ले के चला रे बटुहिया.. जी हां 4 दशक पूर्व धूम मचाने वाली नदियां के पार फ़िल्म का यह गाना इन बैलगाड़ियों को देखकर जरूर याद आ जाएगा।

इसी फिल्म की थीम पर बुधवार 26 फरवरी को एक दूल्हा सजकर तैयार होगा और बारातियो के साथ अपनी दुल्हनिया को ब्याहने बैलगाड़ी में सवार होकर जाएगा।

बैलगाड़ी से बारात रवाना होने को तैयार है। यह सब कुछ रियल लाइफ में कटनी जिले के तहसील मुख्यालय बरही से महज 3 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत करौदीखुर्द में होने जा रहा है।

 

करौदीखुर्द निवासी पेशे से इलेक्ट्रिशियन रामकिशोर जायसवाल उर्फ किशोरी के बेटे महेंद्र का विवाह ग्राम बिचपुरा में आरती से होगा। करौदी से बिचपुरा की दूरी महज 2 किलोमीटर है। फिजूलखर्ची से बचने व अपनी पुरानी परंपरा को जीवित रखने व इस विवाह समारोह को यादगार बनाने के लिए दूल्हे के पिता किशोरी व उसके मित्र कालिदास पांडेय ने बैलगाड़ियों से बारात जाने का निर्णय लिया।

फिर होना क्या था करीब दर्जनभर बैलगाड़ियों को बारात के लिए रंग-रोदन किया गया। 26 फरवरी को रात 7 बजे बारात बिचपुरा के लिए डीजे, बैंडबाजों व गुमुद की धुनों के बीच पूरे उत्साह व धूमधाम से रवाना होगी।

बैलगाड़ी में ही दुल्हन की होगी विदाई
विवाह कार्यक्रम सम्पन होने के उपरांत अगले दिन 27 फरवरी गुरुवार को दुल्हन की बिदाई बैलगाड़ी में ही बिचपुरा गांव से उसके ससुराल करौदीखुर्द के लिए होगी, जिसमे कौन दिशा में ले के चला रे बटुहिया नदिया के पार फ़िल्म का गाना भी बजेगा।
बैगाडियो से बारात निकालने की तैयारी को लेकर करौदी गांव में कौतूहल का माहौल है, ग्रामीण बारात के लिए सजाई गई बैलगाड़ी को देखने के लिए पहुँच रहे है साथ ही इस अनोखी बारात के लिए जरा हट कर उत्सुकता नजर आ रही है।

बरही से आनंद सराफ, yashbharat.com के लिये

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