नौ बच्चाें की मां का नसबंदी से इंकार, जानिए खास वजह-एनआरसी के बारे में
श्योपुर। मंगलवार को कराहल एनआरसी में एक आदिवासी महिला को अपने तीन कुपोषित बच्चों के साथ एनआरसी में भर्ती कराया गया। खास बात यह है कि तीनों बच्चों की उम्र में 6-6 माह का अंतर है और चौथा बच्चा मां के गर्भ में पल रहा है। समय पूर्व होने वाले प्रसव के कारण महिला के बच्चे कुपोषित पैदा हो रहे हैं। चिकित्सकों ने महिला को नसबंदी कराने की सलाह दी है।
ग्रोथ मॉनिटर धीरज राठौर ने बताया कि कराहल के पर्तवाड़ा गांव में टीना पत्नी माड़िया पटेलिया के तीन बच्चे गंभीर कुपोषित होकर नाजुक हालत में मिले हैं। इन बच्चों को कांउसलिंग के बाद कराहल एनआरसी में भर्ती कराया गया।
खास बात यह है कि जो तीन बच्चे मिले हैं उनमें विनीत (2 साल), सुमित्रा (15 माह), विकास (11 माह) पिता माड़िया पटेलिया है। इनकी मां टीना पटेलिया के पेट में चार माह का गर्भ है। महिला भी बेहद कमजोर है। लगातार प्री- मैच्योर डिलेवरी के कारण बच्चे तो कुपोषित जन्मे ही हैं साथ ही मां के जीवन पर भी संकट आ गया है।
इससे पहले भी टीना को पांच बच्चे और हैं। कुल 8 बच्चों की मां 9वें बच्चे को जन्म देने जा रही है। बच्चों के साथ मां का जीवन बचाने के लिए ग्रोथ मॉनिटर ने ग्रामीणों की मदद से टीना को एनआरसी लाने में सफलता हासिल की है। अस्पताल में डॉक्टर टीना को नसबंदी कराने की सलाह दे रहे हैं जिसे दोनो पति-पत्नी ने मानने से इंकार कर दिया है। उधर डॉक्टरों का कहना है कि टीना की हालत इतनी खराब है कि उसे और प्रसव हुआ तो उसकी जान भी जा सकती है।

