मध्यप्रदेश

नियुक्ति का रास्ता साफ, जीतू पटवारी ने किया ऐसा ट्वीट

भोपाल। मध्य प्रदेश के कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती और नियुक्ति का रास्ता हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि, “मुख्यमंत्री कमलनाथ के सकारात्मक प्रयासों के चलते महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और नियुक्ति का रास्ता मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है। नियुक्ति का इंतजार कर रहे 2500 हजार प्रोफेसरों को इस फैसले का फायदा होगा।”

बता दें कि अगस्त 2018 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने पीएससी के जरिए भर्ती प्रक्रिया करवाकर 2536 असिस्टेंट प्रोफेसरों को चुना था। इन सभी को शिक्षकों के तौर पर प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में नियुक्ति मिलना थी। नियुक्त पत्र जारी होते उससे पहले ही विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। चुनाव के बाद सूबे में सरकार बदल गई। बाद में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता नियुक्ति पत्र के आड़े आ गई। आचार संहिता खत्म होने के बाद भी इन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं हो सके।

पहले प्रदेश सरकार ने ही हाई कोर्ट में जवाब पेश कर कहा था कि सितंबर 2018 में पदों पर नियुक्ति दे दी जाएगी। उम्मीदवारों को भोपाल बुलवाकर दस्तावेजों का सत्यापन भी करवा लिया गया था। इस पर भरोसा कर कई उम्मीदवारों ने अपनी पुरानी नौकरी भी छोड़ दी थी। नियुक्ति का रास्ता साफ न होता देख प्रदेशभर के चयनित उम्मीदवारों ने भोपाल में अनिश्चितलानी धऱना किया था। इसी दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी से भी बात की थी। उन्होंने सबको भरोसा दिलाया था कि सरकार जल्द नियुक्ति का रास्ता साफ करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

सरकारों के चक्कर में उलझी थी नियुक्ति प्रक्रिया

असल में चयन प्रक्रिया के लिए बीती सरकार के कार्यकाल में बार-बार नियम बदले गए थे। आरक्षण और आयुसीमा में भी बदलाव हुए थे। परिणामों के बाद असंतुष्ट उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर निशक्त आरक्षण के कोटे के नियम और अनुपात को चुनौती दे दी थी। जिसके बाद से ही ये मामला कोर्ट में अटका हुआ था। नई सरकार भी नियुक्ति में देरी के लिए इसी वजह को जिम्मेदार ठहरा रही थी। हालांकि अब हाई कोर्ट ने इसका रास्ता साफ कर दिया है।

Leave a Reply

Back to top button