नवरात्र में ऐसे करें कलश की स्थापना, जानें पूजा विधि
धर्म डेस्क। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि में आमतौर पर सभी घरों में लोग कलश स्थापित करते हैं, यहां जानें कलश की स्थापना कैसे करें।
10 अक्टूबर से नौ दिनों का शारदीय नवरात्र शुरू हो रहा है। महाअष्टमी 17 अक्टूबर, महानवमी 18 अक्टूबर और विजयादशमी 19 अक्टूबर को है।नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की उपासना की जाती है। नवरात्र पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और मां दुर्गा के भक्त व्रत रककर मां का उपासना कर कृपा प्राप्त करते हैं।
नवरात्रि में तो आमतौर पर सभी घरों में लोग कलश स्थापित करके मां दुर्गा की अराधना की जाती है लेकिन यदि कलश की स्थापना सही तरीके से की जाए तभी यह फलदायी होता है।
कलश स्थापना के लिए सही मुहूर्त
10 अक्टूबर यानि नवरात्र के पहले दिन सुबह छह बजकर 18 मिनट से दस बजकर 11 मिनट के बीच कलश स्थापित करें। माना जा रहा है कि सात बजकर 56 मिनट पर कलश स्थापित करना ज्यादा शुभ होगा। यह कलश स्थापित करने के लिए सबसे उपयुक्त समय है इसलिए ध्यान रखें कि शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापित करें।
ऐसे करें कलश की स्थापना
घर के उत्तर पूर्व दिशा में किसी स्थान को अच्छी तरह से साफ कर लें और इसी जगह पर कलश स्थापित करें। उत्तर पूर्व पूजन के लिए सर्वोत्तम दिशा मानी जाती है।
कलश स्थापित करने के लिए जब सही मुहूर्त हो तब पहले श्रीगणेश की पूजा करके कलश स्थापित करें। जहां कलश स्थापित करना है वहां एक साफ लाल कपड़ा बिछाएं और नारियल में मौली बांधें एवं कलश पर रोली या चंदन से स्वास्तिक बनाएं।
कलश के अंदर गंगा जल भरें और इसमें आम के पत्ते, सुपारी,हल्दी की गांठ, दुर्वा, पैसे और आम के पत्ते डालें।
यदि कलश के ऊपर ढक्कन रखना चाहती हैं तो ढक्कन में चावल भर दें, यदि कलश खुला है तो उसमें आम के पत्ते डाल दें।
इसके बाद कलश के बीच में नारियल रखें और दीप जलाकर पूजा करें।