
नई दिल्ली। खबर थोड़ी हटके है जी हां फेसबुक पर जो अव्वल होगा उसकी पीठ पर नरेंद्र मोदी का हाथ होगा। खुद प्रधानमंत्री ने भाजपा सांसदों से कहा है कि जिनके फेसबुक लाइक तीन लाख के पार होंगे, उनके क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सीधी बात करेंगे।
जाहिर है कि चुनाव से पहले अपने कार्यकर्ताओं मे जोश भरने के लिए सांसदों में सोशल मीडिया में हिस्सेदारी बढ़ाने को कुछ ज्यादा होड़ देखने को मिल सकती है।
सोशल मीडिया भाजपा के अभियान का अहम हिस्सा है। पार्टी की ओर से बार-बार अपने सदस्यों को इसका प्रशिक्षण और उपयोग का सुझाव भी दिया गया है।
बल्कि संकेतों में यह भी बताया गया है कि चुनाव में उम्मीदवारी का एक मापदंड यह भी होगा कि वह सोशल मीडिया पर कितना सक्रिय है। अब जब 2019 चुनाव महज एक साल बाद है तो प्रधानमंत्री की ओर से एक पासा फेंका गया है जो नई होड़ शुरू कर सकता है।
बताते हैं कि पिछले शुक्रवार को संसदीय दल की बैठक में प्रजेंटेशन हुआ। प्रधानमंत्री ने पूछा कि कितने सदस्यों के फेसबुक पर तीन लाख से ज्यादा लाइक हैं तो हाथ उठाने वालों की संख्या कम ही थी। उन्होंने कहा कि जिनकी संख्या इसके पार होगी उनके क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से वह खुद रूबरू होंगे।
सूत्रों के अनुसार बड़ी संख्या में भाजपा सांसदों के खिलाफ कार्यकर्ताओं की ही शिकायतें आई हैं। चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को जगाना जरूरी है और इसके लिए प्रधानमंत्री से अच्छा कोई स्टार प्रचारक नहीं मिल सकता है। जिन सांसदों को अपनी उम्मीदवारी बचाने की फिक्र है उनके लिए भी जरूरी है वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ें।








