नए साल के जश्न ने बिगाड़ी दिल्ली-एनसीआर की हवा, आज से छंट सकता है प्रदूषण

नए साल के जश्न के बाद बुधवार को दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर स्तर पर रही। पूरा इलाका प्रदूषण की घनी चादर से घिरा रहा। दिल्ली के साथ ही उत्तर प्रदेश व हरियाणा के सभी पड़ोसी 6 शहरों की हवा गंभीर स्तर तक प्रदूषित रही। लेकिन आज से इसमें सकारात्मक परिवर्तन आने का अनुमान है।
साथ ही, देश के सबसे प्रदूषित नौ शहरों में से छह दिल्ली-एनसीआर के हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का अनुमान है कि बृहस्पतिवार से हवा की चाल बढ़ने से प्रदूषण छंटेगा और वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा।
सफर के मुताबिक, मंगलवार को मौसमी दशाएं हवा साफ करने के अनुकूल थीं। रात 8 से मध्य रात्रि एक बजे के बीच अचानक प्रदूषण स्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
सफर का अंदाजा है कि नए साल का जश्न मनाने के लिए सड़क पर लोगों की आवाजाही और पटाखेबाजी के कारण प्रदूषण बढ़ा है। सतह पर चलने वाली हवाओं के कमजोर पड़ने व तापमान कम होने से बुधवार दिन में भी प्रदूषण छंट नहीं सका। इससे दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर स्तर पर प्रदूषित रही।
सीपीसीबी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में सबसे प्रदूषित नोएडा रहा। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 438 पर रहा। दिल्ली का एक्यूआई 437, फरीदाबाद का 433, ग्रेटर नोएडा का 420, गुरुग्राम का 416 व गाजियाबाद का 412 पर रहा। दिल्ली-एनसीआर के अलावा देश के तीन सबसे प्रदूषित शहरों में बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूआई 465, कानपुर में 450 व भिवाड़ी में 409 रिकॉर्ड किया गया।
बृहस्पतिवार से छंट सकता है प्रदूषण
सफर का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से बृहस्पतिवार को हवा की चाल बढ़ेगी। वहीं, मिक्सिंग हाइट भी ऊपर जाएगी। इससे एक्यूआई बेहद खराब स्तर पर पहुंच सकता है। इस दौरान दिल्ली के विनोबापुरी, ओखला व बवाना प्रदूषण से ज्यादा प्रभावित रहेंगे। दूसरी तरफ, शुक्रवार को एक बार फिर इसमें सुधार होगा।








