दिग्विजय रिटर्न: राजनीति में लौटे कांग्रेस के ‘चाणक्य’, शिवराज पर बोला हमला

मध्य प्रदेश में कांग्रेस राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले दिग्विजय सिंह ने सीएम पर हमला बोलते हुए कहा कि शिवराज ने सिर्फ सरकारी यात्रा की, नर्मदा की परिक्रमा नहीं की. मां नर्मदा की हालत पर चर्चा करते हुए दिग्विजय ने कहा कि 25,000 सालों अक्षुण्य मां नर्मदा का स्वरूप अब वैसा नहीं रहा, उसमें बांध बन चुके हैं. धारा का प्रवाह कम हुआ है, जिसके बारे में विचार किया जाना चाहिए.
दिग्विजय सिंह ने यात्रा पूरी करने के बाद कहा कि मां नर्मदा की कृपा से उनकी यात्रा निर्विघ्न रूप से पूरी हुई. एमपी में साधुओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने पर उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार का विवेक है. उन्होंने यह निर्णय लिया है, अब उनके (मंत्री बने साधुओं के) अधिकार क्षेत्र डिफाईन किए जाने चाहिए.
भावुक हुईं अमृता राय
नर्मदा यात्रा के दौरान दिग्विजय की पत्नी अमृता राय भी पूरे समय उनके साथ मौजूद रहीं. अमृता राय ने कहा कि उनके लिए यह एक आध्यात्मिक यात्रा थी. लेकिन इसके साथ यह उनके लिए एक सामाजिक यात्रा भी रही. बकौल अमृता राय, हमने नर्मदा किनारे के समाज और संस्कृति को देखा समझा. उनके स्नेह की पूंजी को वापस लेकर लौट रही हूं. उन्होंने कहा कि वो आज बहुत भावुक हैं.
यात्रा के धार्मिक और राजनीतिक पहलुओं के मुख्य बिंदु-
30 सिंतंबर को बरमान घाट नरसिंहपुर से जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद के आशिर्वाद के साथ नर्मदा परिक्रमा की शुरुआत की.
2- रोजाना 25 किमी तक पैदल यात्रा कर 110 से ज्यादा मध्य प्रदेश की विधानसभा क्षेत्रों, चार राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ क्षेत्र को कवर किया .
3- यात्रा के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुरेश पचौरी, अशोक गहलोत, अहमद पेटल जैसे नेता इसमें शामिल हुए. वहीं, आंध्रा, तेलंगाना, गोवा, पंजाब, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों से कार्यकर्ता, नेता आते गए.
4-मुख्यमंत्री के भाई नरेंद्र सिंह चौहान पूर्व भाजपा नेता विक्रम वर्मा, प्रह्लाद पटेल, जेडीयू नेता शरद यादव और कई विधायक परिक्रमा मार्ग पर साथ रहे.
5- इस दौरान गुजरात, हिमाचल, त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय के चुनाव हुए, जिसमें बिहाइंड द सीन अपनी भूमिका निभाते रहे. अपने अनुभव को साझा करते रहे.
6-राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष बनने के मौके पर गैरमौजूद रहे, लेकिन वो दिग्विजय सिंह की खुलकर तारीफ भी करते रहे. क्योंकि उन्होंने कई बार मीडिया में बयान दिया था कि अब राहुल को पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.








