
जबलपुर। आर्मी क्षेत्र में तेंदुआ की मौजूदगी से सैन्य जवानों व उनके स्वजन के जीवन को खतरा है। इसलिए सेना पुलिस यही मानकर क्षेत्र की गश्त कर रही है। इन जवानों ने शुक्रवार को तड़के 4.30 बजे 1 एसटीसी में घनी झाड़ियों के बीच कोई हरकत होते देखी। सेना पुलिस के झाड़ियों की ओर बढ़ते ही तेंदुआ मौेके से भाग निकला।
सैन्य प्रशासन ने इस घटना की तत्परता से वन विभाग को खबर दी। वन विभाग कंट्रोल रूम से बताया गया है कि तड़के 1 एसटीसी कैंपस में तेंदुआ के आने की खबर मिली। इसके बाद रेस्क्यू अमला मौके पर गया और 1 एसटीसी सेंट्रल स्कूल के पास से झाड़ियों तक मुआयना किया। इस दौरान अमले को वन्यजीव की मौजूदगी के प्रमाण नहीं मिले। हालांकि वेटरनरी कॉलेज कैंपस का तेंदुआ ही इस क्षेत्र में करीब एक सप्ताह से मौजूद है। यह वन्यजीव एमईएस कैंपस, 1 एसटीसी और जीआरसी के बीच विचरण कर रहा है।
श्वानों के भौंकने से हुए थे सतर्क: सैन्य जवानों ने वनकर्मियों को बताया कि रात को आर्मी क्वार्टरों के बाहर घूमने श्वान झाड़ियों की ओर रुख करके लगातार भौंक रहे थे। इस आवाज से सतर्क होकर गश्त दल ने झाड़ियों में सर्च करने का प्रयास किया, तभी वन्यजीव वहां से निकलकर भाग गया।
श्वानों के भौंकने से हुए थे सतर्क:
सैन्य जवानों ने वनकर्मियों को बताया कि रात को आर्मी क्वार्टरों के बाहर घूमने श्वान झाड़ियों की ओर रुख करके लगातार भौंक रहे थे। इस आवाज से सतर्क होकर गश्त दल ने झाड़ियों में सर्च करने का प्रयास किया, तभी वन्यजीव वहां से निकलकर भाग गया।
वन अमले की गश्त जारी
आर्मी क्षेत्र में तेंदुआ होने की खबर पाकर वन अमला लगातार गश्त कर रहा है। इसके बाद भी वनकर्मी एमईएस कैंपस, 1 एसटीसी और जीआरसी के आस-पास मौजूद तेंदुआ को देख नहीं पाए हैं।
नहीं खोज पाए रास्ता
वन्य अधिकारी बताते हैं कि आर्मी क्षेत्र में वन्यजीव की आवाजाही का रास्ता अब तक नहीं मिला है। जैसे ही तेंदुआ के आने-जाने का रास्ता मिलेगा, वहां ट्रैप कैमरे व पिंजरा लगाया जाएगा।








