नई दिल्ली | मुस्लिमों में एक बार में तीन तलाक कहने के चलन को फौजदारी अपराध बनाने संबंधी विधेयक कल (3 दिसंबर) राज्यसभा में पेश हो सकता है। यह पहले मंगलवार को राज्यसभा में रखा जाना था। इस मामले पर संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि हम तीन तलाक विधेयक पर कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं।
उम्मीद है कि राज्यसभा में यह आसानी से पारित होगा। यह बिल कल पेश हो सकता है। यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है। एक बार में तीन तलाक या तलाके बिद्दत के अपराध में पति को तीन साल की सजा के प्रावधान वाले इस विधेयक को पिछले सप्ताह लोकसभा में पारित किया गया था। राज्यसभा की कार्यसूची के अनुसार मुस्लिम महिला (विवाह संबंधित अधिकारों का संरक्षण) विधेयक 3 जनवरी को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद चर्चा एवं पारित कराने के लिए उच्च सदन में रखेंगे।
इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि तीन तलाक पीड़ित महिला अपने और अपने अल्पवय बच्चों के लिए गुजारा भत्ता पाने के मकसद से मजिस्ट्रेट से सम्पर्क कर सकती है। पीड़िता मजिस्ट्रेट से अपने अल्पवय बच्चों के संरक्षण की मांग कर सकती है।





















Leave a Reply