तिरंगे में लिपटी पं. देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी की पार्थिव देह, अंतिम यात्रा में रास्ते भर गूंजा- कूड़ा वाले कन्हैया की जय-जय-जय

कटनी। संत शिरोमणि दद्दाजी की आध्यात्मिक सेवाओं को देखते हुए प्रदेश की सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान से नवाजा। तिरंगे में लिपटी पं. देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी की पार्थिव देह के सामने सीआरपीएफ के जवानों ने फायर के साथ उन्हें सलामी दी। इस दौरान कलेक्टर शशिभूषण सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार सहित जिला और पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी मौजूद रहे। सलामी के उपरांत ब्राम्हणों ने वैदिक मंत्रोच्चार प्रारंभ किया। भजन मंडली इस दौरान लगाकर प्रभु का गुणगान करती रही। मंत्रों के जाप और प्रभु की स्तुति के बीच पारिवारिक सदस्यों और शिष्यों ने ने चंदन की लकड़ियों में दद्दा जी की पार्थिव देह रखी। 12 बजकर 17 मिनट पर बड़े बेटे डॉ. अनिल त्रिपाठी ने मुखाग्नि दी।
दद्दा के दर्शनों के लिए शनिवार रात से ही पहुंचने लगे थे शिष्य
दद्दाजी तो अपने उपासकों के लिये इस धरती पर जैसे जीते-जागते भगवान ही थे। पिछले कुछ समय से उनकी अस्वस्थता ने देशभर में फैले करोड़ों लोगों को चिंतित कर दिया था। मुम्बई से लेकर दिल्ली तक उनका इलाज चला। किडनी और लीवर में इंनफेक्शन की वजह से दद्दा जी की सेहत पिछले 6 माह में लगातार बिगड़ती गई और 3 दिन पहले उन्हें उपचार के लिए दिल्ली के एम्स अस्पताल में दाखिल कराया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों के काफी जतन के बावजूद दद्दा जी की हालत में सुधार न होते देख चिकित्सकों ने उन्हें घर ले जाने की सलाह दे दी। उनके परम शिष्य फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा और प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं विधायक संजय पाठक इस दौरान लगातार उनके साथ थे। दद्दा जी को एयर एम्बुलेंस से वेंटीलेटर सपोर्ट के बीच दिल्ली से जबलपुर डुमना एयरपोर्ट लाया गया। यहां से वे सीधे शनिवार की रात कटनी स्थित दद्दाधाम पहुंचे। दद्दा जी की अस्वस्थता की खबर उनके शिष्यों के बीच बिजली की गति से फैली। परसों रात से ही बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका था। यह क्रम कल सारा दिन और आज सुबह से जारी रहा।
पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंची विशिष्ट हस्तियां
जिन विशिष्ट हस्तियों ने दद्दाधाम पहुंचकर पूज्य गुरूदेव के दर्शन किए उनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, फिल्म अभिनेता राजपाल यादव, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह, मंत्री गोविंद राजपूत, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, पूर्व महापौर श्रीमती निर्मला पाठक, श्रीमती निधि पाठक, पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय विश्नोई, बड़ा मलहरा विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी, छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी, महाराजपुर विधायक नीरज दीक्षित, विजावर विधायक राजेश शुक्ला, मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी, विधायक अशोक रोहाणी चंदेरी विधायक डग्गीराजा, विधायक लखन घनघोरिया, विधायक संदीप जायसवाल, विधायक प्रणय पाण्डेय, पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष रामरतन पायल, कांग्रेस अध्यक्ष द्वय मिथलेश जैन, ठा.गुमान सिंह, अभिलाष दीक्षित, मनोज पंजवानी, पूर्व विधायक अंचल सोनकर, रामनरेश त्रिपाठी, हरिशंकर शुक्ला, गिरीश गर्ग, मृदुल द्विवेदी, संजीव श्रीवास्तव, संजय खरे, सहित बड़ी संख्या में दद्दाजी के शिष्य और अनुयायी शामिल रहे। आज सुबह से दद्दा जी के निवास के बाहर फूलों से सजी पालकी में सुशोभित उनकी पार्थिव देह को पुष्पांजलि अर्पित करने का सिलसिला चलता रहा।
इंतजाम में जुटे रहे शिष्य मंडल और प्रशासन
पूज्य दद्दा जी के अंतिम संस्कार की तमाम व्यवस्थाओं में दद्दा शिष्य मंडल के सदस्यों के साथ जिला और पुलिस प्रशासन के लोग जुटे रहे। विधायक संजय पाठक स्वयं सारी व्यवस्थाओं की कमान सम्हाले हुए थे। पिछले तीन दिनों से अभिनेता आशुतोष राणा एवं विधायक संजय पाठक की पूरी टीम दद्दाधाम की व्यवस्थाओं में जुटी नजर आई। आज अंतिम संस्कार के दौरान सारी व्यवस्थाओं का जिम्मा दद्दाशिष्य मंडल के साथ इसी टीम का था। अंतिम यात्रा दद्दाजी के निवास से शुरू होकर श्री कृष्णवृद्धाश्रम पहुंची जहां बाजू में बने परिसर में दद्दा जी पंचतत्वों में विलीन हुए। लगभग डेढ़ माह पहले इसी स्थान पर उनकी धर्मपत्नी जिज्जी बाई का अंतिम संस्कार किया गया था।
अंतिम संस्कार के दौरान वृद्धाश्रम की छतों में भी लोग मौजूद देखे गये इसके अलावा समूचे परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। संभावित भीड़ को रोकने के लिए अंतिम संस्कार के समय में आखिरी वक्त में बदलाव किया गया। सुबह 11 बजे अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई, जबकि इसके पहले दोपहर 2 बजे के बाद का वक्त तय किया गया था।
सोशल डिस्टेंस का पालन, कतारों में कराए दर्शन
सोशल डिस्टेंस को लेकर प्रशासन और दद्दा शिष्य मंडल पूरी तरह फिक्रमंद रहा, नतीजतन दद्दाधाम में पुलिस और प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। वाहनों की पार्किंग से लेकर कतारबद्ध लोगों को दद्दा जी के अंतिम दर्शन कराने के लिए बेरीकेटिंग कर दी गई थी। आज सुबह से हजारों की संख्या में नर-नारियों ने दद्दा जी के अंतिम दर्शन किए। प्रशासन ने लॉकडाउन के चलते भीड़ को रोकने के लिए विधायक संजय पाठक, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा सहित दद्दा शिष्य मंडल के सदस्यों के साथ बैठकर रूपरेखा भी तैयार की किंतु आस्था के सैलाब के आगे प्रशासन और दद्दा शिष्य मंडल कहीं-कहीं बेबस भी नजर आए।








