चमोली के तपोवन में रेस्क्यू ऑपरेशन का रविवार को आठवां दिन है। आज NTPC की टनल से 5 और शव बरामद किए गए हैं। रैणी गांव से भी 6 बॉडी मिली हैं। वहीं, एक शव (मानव अंग) रुद्रप्रयाग से मिला है। अब तक मिलने वाले शवों की संख्या 50 हो गई है। शाम को सुरंग के अंदर एक और बॉडी का पता चला है जिसे निकालने की कोशिश जारी है। सुबह दो बॉडी बरामद होने के बाद टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया था। रेस्क्यू टीम ने कहा कि हमें अभी भी टनल में फंसे लोगों को बचा लेने की उम्मीद है। इस टनल में 32 वर्कर्स के अभी भी फंसे होने की आशंका है।
.@uttarakhandcops की #SDRF के कमान्डेंट नवनीत भुल्लर 14 हजार फुट की ऊँचाई पर ऋषिगंगा में बनी झील पर पहुंचे और बताया कि झील से काफी अच्छी मात्रा में पानी डिस्चार्ज हो रहा है, इसलिए खतरे की कोई बात नही है।#Chamoli #Tapovan pic.twitter.com/dild9h0m8i
— Ashok Kumar IPS (@Ashokkumarips) February 13, 2021
उम्मीद इसलिए कायम
NDRF के कमांडर पीके तिवारी के हवाले से कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि टनल के अंदर कुछ लोग अभी भी जीवित हैं। तिवारी ने कहा कि हम अपने अनुभव के आधार पर अभी भी निराश नहीं हुए हैं। हमें लगता है कि टनल में अभी भी ऑक्सीजन मौजूद है और ऐसे गैप भी जिनमें लोग जिंदा रह सकते हैं। हमारे 100 से ज्यादा साइंटिस्ट लगातार रास्ते तलाशने में लगे हुए हैं और इन पर तुरंत अमल किया जा रहा है। टीम टनल में 130 मीटर तक पहुंच चुकी है। इस टनल से लगी एक सुरंग में शुक्रवार और शनिवार को होल किया गया है। इसका मुहाना 75 मिमी चौड़ा है। अब कोशिश इसे 300 मिमी चौड़ा करने की है ताकि कैमरा और पानी बाहर फेंकने वाला पाइप इन्स्टॉल किया जा सके।
सुबह मिले दोनों शवों की पहचान हुई
जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह मिले दोनों शव उत्तराखंड के निवासी थे। शवों की शिनाख्त अनिल सिंह निवासी कालसी और आलम सिंह निवासी लोयर गांव, गुल्लर घाटी के रूप में हुई है। आलम सीनियर इलेक्ट्रॉशियन था, जबकि अनिल वेल्डर था। अन्य लोग सुरंग से कुछ दूर हो सकते हैं। तलाशी अभियान जारी है।
ग्लेशियर टूटने से बनी झील खतरनाक नहीं
एक बड़ी राहत की बात है। ग्लेशियर टूटने से बनी झील से अभी कोई खतरा नहीं है। SDRF के कमांडेंट नवनीत भुल्लर ने 14 हजार फीट की ऊंचाई पर ऋषिगंगा में बनी इस झील का जायजा लिया। ये झील आपदा के बाद ग्लेशियर के टूटने से बन गई है। एरियल व्यू और सैटेलाइट इमेज आने के बाद आशंका जताई जा रही थी कि झील से अचानक पानी का बहाव हो सकता है और फिर से बाढ़ जैसे हालात हो जाएंगे। नवनीत ने झील के पास से ही एक वीडियो बनाकर जारी किया है। उन्होंने बताया कि झील से पर्याप्त मात्रा में पानी डिस्चार्ज हो रहा है, ऐसे में अब कोई खतरा नहीं है।

