Site icon Yashbharat.com

डॉक्टर, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ डयूटी से नहीं कर सकेंगे इंकार, बिजली-पानी के साथ दवाओं का परिवहन 3 माह के लिए आवश्यक सेवाएं घोषित

doctor holding smartphone with medical app

doctor holding smartphone with medical app

यशभारत अपडेट@आशीष शुक्ला

भोपाल यशभारत। कोरोना की दूसरी लहर से संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं पर एस्मा (अतिआवश्यक सेवा घोषित) लगा दिया है। अब डॉक्टर, नर्स या फिर पैरामेडिकल स्टाॅफ डयूटी करने से इंकार नहीं कर सकेंगे। सरकार ने बुधवार देर शाम राजपत्र में इसका नोटिफिकेशन कर दिया है।

जिसमें कहा गया है, स्वास्थ्य सेवाओं को 3 माह के लिए अतिआवश्यक घोषित किया गया है,मध्‍य प्रदेश में सभी सरकारी और गैर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार ने एस्मा कानून लागू दिया है। एस्मा लागू होने के बाद कोई भी डॉक्टर या नर्स मरीज का इलाज करने से इनकार नहीं कर सकता है।

अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को 3 माह के लिये अत्यावश्यक सेवाओं के रूप में अधिसूचित किया गया है।

डॉ. राजौरा ने बताया है कि राजपत्र में जारी अधिसूचना अनुसार मध्यप्रदेश अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम-1979 की धारा-4 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार समस्त शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय संस्थानों में समस्त स्वास्थ्य सुविधाओं, डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी, स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता कार्यकर्ता, मेडिकल उपकरणों की बिक्री संधारण एवं परिवहन, दवाइयों एवं ड्रग्स की बिक्री, परिवहन एवं विनिर्माण, एम्बुलेंस सेवाएं, पानी एवं बिजली की आपूर्ति, सुरक्षा संबंधी सेवाओं, खाद्य एवं पेयजल प्रावधान एवं प्रबंधन तथा बॉयो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन को अत्यावश्यक सेवाओं में शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी उक्त कार्य करने से इंकार किये जाने का प्रतिषेध किया गया है।

Exit mobile version