सोनिया गांधी की डिनर डिप्लोमेसी, जानिये दावत में कौन कौन पहुंचा

नई दिल्ली। देश में तीसरे मोर्चे और पूरे विपक्ष को एकजुट करने की मांग अलग-अलग पार्टियां लगातार उठा रही हैं। इसी को देखते हुए सोनिया गांधी फिर से सक्रिय हुईं हैं और तीसरे मोर्चे की कमान थामते हुए उन्होंने आज अपने निवास पर डिनर का इंतजाम किया था। इस पार्टी में शरद यादव, एनसीपी चीफ शरद पवार, बीएसपी के सतीश मिश्रा, आरजेडी के तेजस्वी यादव, हम पार्टी के जीतन राम मांझी, एनसी के उमर अब्दुल्ला ने इस कार्यक्रम में सिरकत की है।
जानकारी के अनुसार 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को एक साथ लाने की कोशिशें तेज हुई हैं। कांग्रेस भी इस डिनर के सहारे तीसरे मोर्चे के बजाय भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विपक्षी एकजुटता वाले गठबंधन की राजनीतिक जरूरत का संदेश देने की कोशिश की गई।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की भाजपा के खिलाफ तीसरे मोर्चे के विकल्प की छेड़ी तान से यह रात्रिभोज अहम बन गया है। खासतौर पर यह देखते हुए कि केसीआर के तीसरे मोर्चे के सियासी सिक्के को तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने लपकते हुए इसकी शुरुआती राजनीतिक पहल भी कर दी है। केसीआर से बात करने के बाद ममता ने द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन से भी सोमवार को फोन पर बात कर ली।
ममता और केसीआर की यह पहल कांग्रेस के लिए राजनीतिक चुनौती है क्योंकि तीसरे मोर्चे का कोई विकल्प उभरता है तो उसका सियासी नुकसान कांग्रेस को होगा। इतना ही नहीं तीसरा मोर्चा बनने की स्थिति में भाजपा के खिलाफ 2019 में व्यापक मजबूत विपक्षी महागठबंधन की कांग्रेस की राजनीतिक योजना पर भी पानी फिर जाएगा। जाहिर तौर पर कांग्रेस लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी खेमे में टूट का संदेश नहीं जाने देना चाहती है। इसीलिए सोनिया गांधी का यह डिनर एक तरह से विपक्षी नेताओं के जमावड़े का संदेश देने का प्रयास किया है।








