ज्योतिरादित्य सिंधिया का राजनीतिक सफर: मोदी कैबिनेट में मिली एंट्री, जानिए कौन सा मिल सकता है मंत्रालय

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार सुबह उज्जैन में महाकाल के दर्शन किए। सूत्रों के मुताबिक वह जैसे ही मंदिर से बाहर निकले भाजपा हाईकमान से फोन आ गया। इसके बाद सिंधिया दिल्ली में कैबिनेट विस्तार के लिए आ गए।

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बुधवार को अपनी टीम का विस्तार किया। नरेंद्र मोदी कैबिनेट विस्तार में सबसे अहम नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया का रहा। मोदी कैबिनेट के संभावित नए चेहरों में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंत्रिपरिषद की शपथ ग्रहण की है। सूत्रों के अनुसार सिंधिया को केंद्रीय कैबिनेट में रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

एमपी दौरा बीच में ही छोड़कर दिल्ली लौटे

बता दें कि दिल्ली से बुलावा आने पर ज्योतिरादित्य अपना एमपी दौरा बीच में ही छोड़कर राजधानी दिल्ली लौट गए। सिंधिया मंगलवार को महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आए। इस दौरान मीडिया ने उनसे पूछा कि आपको मंत्री पद के लिए दिल्ली बुलाया गया है तो इस पर सिंधिया ने कहा कि मुझे मालूम नहीं, कोई सूचना नहीं है।

सिंधिया के राजनीतिक सफर पर नजर

 

 

सिंधिया का निजी जीवन और शिक्षा

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राजनीति में सिंधिया घराने का अर्जुन सिंह परिवार से छत्तीस का आंकड़ा रहा है, लेकिन ज्योतिरादित्य ने 2001 में जब कांग्रेस की सदस्यता ली तब अर्जुन सिंह ने उन्हें माधवराव की ऐतिहासिक कलम भेंट की थी। ये वही कलम थी जिससे साल 1979 में माधवराव ने कांग्रेस की सदस्यता फॉर्म पर हस्ताक्षर किए थे। मां की इच्छा के खिलाफ जाकर माधवराव कांग्रेस में शामिल हुए थे।

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