जिला न्यायालय की नई इमारत में अभी भी कई खामियां
जबलपुर यभाप्र। जिला न्यायालय की नई बिल्डिंग में कार्य की शुरूआत सोमवार को हुई। न्यायालय परिसर में जहां पहले दिन लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा वही अधिवक्ताओं मे सीट आबंटन को लेकर भी असंतोष देखा गया। पूछताछ केन्द्र कल पूरी तरह से व्यस्त दिखाई दिया, जहां स्वंय अधिवक्ता अपनी सीटों की जानकारी के साथ ही कोर्ट रूम की जानकारी लेते दिखाई दिए। वही फरियादी अपने वकील को ढूंढते नजर आए। हालांकि नई इमारत में पर्याप्त जगह मौजूद है और समस्याएं जो पहले दिन हो रही थी वो लाजिमी थी, लेकिन निर्माण मे ऐसी कई खामियां है जो लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है।
खतरनाक स्लोप
न्यायालय परिसर में घुसते ही मुख्य द्वार पर बने बेतुके डिजाईन ने पहले दिन कई लोगों को घायल किया। इसमें पैर रखते ही लोग धड़ाम से जमीन पर गिर पड़ रहे थे। सुबह से लोगों के गिरने का सिलसिला जो चला वो शाम तक जारी रहा। लगभग सौ से ज्यादा लोग इस स्लोप पर पैर रखते ही गिरे जिसमें अधिवक्ताओं के साथ फरियादी भी शामिल रहे।
समुचित पानी निकासी व्यवस्था का अभाव
करोड़ों से बनी इस इमारत में पानी निकासी की सुविधा को नजरअंदाज किया गया है। उन जगहों पर जहां वॉटर कूलर लगाया गया है वहां से फैल रहा पानी समूचे परिसर में गंदगी फैला रहा है। जिससे आगे चलकर बीमारियां पनपने का खतरा है।
केंटीन की शुरूआत नही
न्यायालय परिसर में अभी कैंटीन की शुरूआत नही हो पायी है जिसके पीछे कारण पानी निकासी की सुविधा का ना होना है। वही अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नही हो पायी है जिसमें अभी समय लगना तय है।
आधुनिक टाइल्स बनी मुसीबत
समूचे परिसर को आधुनिकतम बनाने में कोई कसर नही छोड़ी गयी है। लेकिन इस आधुनिकता के चक्कर में उससे होने वाली समस्याओं को ध्यान में नही रखा गया। न्यायालय की फर्श में ऐसे चिकने टाईल्स लगाए गए है, जिसमें पैर रखते ही फिसलन होती है। अभी तो ठीक है लेकिन बरसात में यह काफी खतरनाक हो जाएगा। इससे सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्ग अधिवक्ताओं और फरियादियों को है, जो अगर यहां से फिसलकर गिरते है तो शायद ही दुबारा खड़े पाए।
वर्जन
कोर्ट की नई ईमारत में कार्य प्रारंभ हो चुका है। अभी भी कमियां सामने आ रही है उन्हें धीरे- धीरे खत्म कर लिया जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता सम्पूर्ण तिवारी

