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जामिया बवाल में 50 से ज्यादा लोगों की पहचान, पीएफआई का हाथ होने की आशंका

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में यूपी में हुए दंगों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की भूमिका सामने आने के बाद अब दिल्ली में हुए दंगों में पीएफआई की भूमिका की जांच की जा रही है। दिल्ली में हुए दंगों की जांच विशेष रूप से बनाई गई एसआईटी करेगी, मगर पीएफआई की भूमिका की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल समेत देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियां कर रही है।

स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीएफआई की भूमिका की जांच की जा रही है। उधर, दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ ऐसे इनपुट्स मिले हैं कि उत्तरी-पूर्वी जिले के सीमापुरी व जाफराबाद में हुए दंगों में पीएफआई का हाथ हो सकता है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन इनपुट्स को वेरिफाई किया जा रहा है।

दूसरी तरफ दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने जामिया नगर बवाल मामले में 50 से ज्यादा आरोपियों की पहचान कर ली है। इन लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो व फोटो से की गई है। जिन आरोपियों की पहचान की गई है उन्हें जल्द ही नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय लोगों ने अपने नुकसान की शिकायत पुलिस को देनी शुरू कर दी है। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में ही बुधवार शाम तक करीब 60 लोगों ने शिकायत दे दी थी। पुलिस की दी शिकायत में बताया गया है कि कैसे दंगाई आए और उनका नुकसान कर दिया। उनके वाहनों में तोड़फोड़ व आगजनी की।

दूसरी तरफ पुलिस स्थानीय इनपुट्स को मजबूत कर रही है ताकि और आरोपियों की पहचान हो सके। स्थानीय इनपुट्स से भी काफी आरोपियों की पहचान हुई है। इसके अलावा एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि एसआईटी को कुछ दिनों में सभी केसों की फाइल मिल जाएगी। एसआईटी को अभी दरियागंज व सीमापुरी दंगों की फाइल ही मिली है। जामिया नगर बवाल और उत्तर-पूर्वी जिले में हुए दंगों की फाइल नहीं मिली हैं। पूरी दिल्ली में दंगों के दस केस दर्ज हुए हैं और 64 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि दंगों के सभी केसों की फाइल मिलने के बाद ही जांच में तेजी आएगी।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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