जब ट्रेन की एसी बोगी में छत से खून टपकता देख यात्रियों के उड़े होश

ललितपुर। नई दिल्ली से हैदराबाद जा रही तेलांगना एक्सप्रेस ट्रेन की ऐसी बोगियों के कपलिंग बफर के उपर बंद बोरी में युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर रात में ही ललितपुर स्टेशन पर ट्रेन को रूकवाकर जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर उसके शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए। 15 घंटे बीतने के बाद भी उसकी शिनाख्त नही हो सकी। जीआरपी ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। नई दिल्ली से हैदराबाद के लिए जा रही गाड़ी क्रमांक 12724 तेलांगना एक्सप्रेस ट्रेन जब 3-4 सितंबर की रात्रि 12ः15 बजे झांसी रेलवे स्टेशन से हैदराबाद के लिए रवाना हुई। तभी एसी कोच, बी खोल में यात्रा कर रहे फरीदाबाद निवासी धर्मवीर ने कोच में तैनात सीटीआई एमएच खान को बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ हैदराबाद के लिए सफर कर रहा है।

जब ट्रेन 11ः30 बजे के दरमियान करारी व झांसी रेलवे स्टेशन के बीच खड़ी हुई तो इस दौरान उसके कोच में एक युवक आया और उसकी पत्नी के पास रखे बैग को लेकर भागने लगा। जब उसकी पत्नी ने आवाज दी तो वह उसे पकड़ने के लिए अन्य यात्रियों के साथ दौड़ा वह बदमाश ट्रेन से नीचे उतर गया। जब उसने उसका पीछा करना चाहा तो वहां पर 4 लोग और दोड़ते दिखे उन्होंने उसे गोली मारने की धमकी दी। धमकी के बाद जिससे वह उनके पीछे नही गया, बदमाश उसका बैग ले गए जिसमें तीन सोने की अंगूठी, नगदी, उसके बच्चे के कपड़े रखे हुए थे। इस दौरान सीटीआई एमएच खान ने भोपाल तक ट्रेन में गश्त कर रहे जीआरपी के सिपाही लक्ष्मन सिंह पटेल व अनूप को इसकी जानकारी दी।

इसी दौरान जीआरपी कर्मी व यात्री एसी कोच बी-4 से बी-3 कोच में जा रहे थे। इसी दौरान दोनों कोच को जोड़ने वाले कपलिंग के बफर के उपर से नीचे खून टपकता हुआ उनके उपर गिरा। उन्होंने देखा तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि खून बफर के उपर रखी बोरी से टपक रहा था। इसकी सूचना उन्होंने तत्काल सीटीआई को दी। जिसके बाद सीटीआई ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। कंट्रोल रूम द्वारा इसकी सूचना ललितपुर जीआरपी को दी गई। जिसके बाद तेलांगना एक्सप्रेस ट्रेन को ललितपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं 1 पर 1ः30 बजे के दरम्यान रोक दिया गया।

जीआरपी थानाध्यक्ष संजय सिंह अपने हमराहों के साथ मौके पर पहुंचे और बफर के उपर रखे शव को नीचे उतारा। इस दौरान लगभग 1 घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही जो 2 बजे के दरािम्यान भोपाल के लिए रवाना हुई इस दौरान बोरी को खोलकर देखा गया तो उसमें एक 17-18 वर्षीय युवक का शव बंधा पड़ा था। शव के उपर बनियान व अंडर बियर थी एवं उसके एक हाथ पर उर्दू में 786 व मो. सरताज लिखा हुआ था। उसका चेहरा पूरी तरह से कुचला हुआ था। युवक की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए इधर फरिदाबाद निवासी हेमराज व सीटीआई द्वारा दी गई तहरीर पर मामला दर्ज कर कार्यवाई प्रारम्भ कर दी र्ग।

मुझे यात्री ने दी थी चोरी की सूचना उसके बाद बफर से टपकता दिखा खून : एमएच खान

तेलांगना एक्सप्रेस में झांसी से भोपाल तक डयूटी कर रहे सीटीआई एमएच खान ने बताया कि उन्हें तो यात्री हेमराज ने बैग चोरी की सूचना देते हुए बताया था कि करारी स्टेशन के पास आउट पर जब ट्रेन खड़ी थी। उस समय उसका वैग चोरी हो गया। जब ट्रेन बिजोली स्टेशन के पास गुजर रही थी। तभी बोगी के छत से खून टपकने की सूचना यात्रियों ने दी थी।

शव की शिनाख्त के किए जा रहे प्रयास

थानाध्यक्ष जीआरपी संजय सिंह ने बताया कि शव के शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे है। शव को देखकर लगता है कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई है। और युवक की उम्र लगभग 17-18 के बीच हो सकती है। चेहरा पूरी तरह से कुचला हुआ है। जिस बोरी में युवक का शव बंधा हुआ था। बोरी पर झांसी का पता लिखा हुआ है और बोरी आटे की लग रही है कि उसमें आटा भरा हुआ होगा। इसके बाद उसे खालीकर शव को रखा गया। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार बफर पर शव रखा गया, उससे तो यह अनुमान लगाया जा सकता है कि हत्यारे 3-4 से अधिक हो सकते है।

ब्यान लेने को लेकर सीटीआई व थानाध्यक्ष में हुई काफी देर तक बहस

ट्रेन में सवार सीटीआई एमएच खान व थानाध्यक्ष जीआरपी संजय सिंह में घटनाक्रम के ब्यान दर्ज कराने को लेकर काफी बहस हुई। थानाध्यक्ष का कहना था कि सीटीआई ललितपुर रेलवे स्टेशन पर उतर जाए व उन्हें ब्यान दर्ज कराए। क्योकि बाद में ब्यान दर्ज कराने कोई नहीं आता है तो वहीं सीटीआई का कहना था कि वह बिना डीआरएम की अनुमति के ट्रेन नहीं छोड़ सकते है। इस दौरान सीटीआई ने अपने उच्चाधिकारियों से थानाध्यक्ष की मोबाइल पर बात कराई गई तब यह तय हुआ कि सीटीआई प्रार्थना पत्र पर अपना ब्यान दर्ज कर कापी थानाध्यक्ष को दे जाए। इसके बाद ट्रेन रवाना हो जाए। इस बीच ट्रेन रवाना होने को हुई तो यात्रियों ने चेन खींचकर ट्रेन को खडा कर दिया। 2-3 बोर चेन खींची गई इसके बाद गाड़ी 1 घण्टे तक खड़ी रहीं।

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