जबलपुर के व्हीकल और खमरिया में बनेंगे दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले आयुध

जबलपुर। खमरिया और व्हीकल फैक्टरी को आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति GIF अन्तर फैक्टरी मांग के तहत 121 करोड़ रुपये के सामान की ढलाई का काम करेगी। इस उत्पादन को जी आई एफ के 400 औद्योगिक कर्मचारी अंजाम देंगे। जिसमें खमरिया के लिए 100/120 किलोग्राम के एरियल बम और व्हीकल फैक्ट्री में बनने वाले सुरंग रोधी वाहन के हल प्रमुख उत्पाद होंगे। इसके अतिरिक्त व्हीकल फैक्ट्री के अन्य पुर्जो की ढलाई के साथ हैंड ग्रेनेड खोल आदि की ढलाई को उत्पादन लक्ष्य में शामिल किया गया है। यह दोनो ही सामग्री दुश्मन के दांत खट़टे करने के लिए काफी है।
उल्लेखनीय है कि आयुध निर्माणी बोर्ड ने विभिन्न आयुध निर्माणियों के लिए जो उत्पादन सूची जारी की थी। उसमें जीआईएफ को शामिल नहीं किया गया था। जिसके कारण कर्मचारियों मे संशय रहा। लेकिन बाद मे स्पष्ट हुआ कि जीआईएफ के लिए विशेष रूप से अलग से उत्पादन लक्ष्य पूर्वी निर्धारित कर सूचित कर दिया गया है। लिहाजा जीआईएफ में श्रमिक असंतोष जैसी स्थिति वर्तमान में नहीं है। जीआईएफ में करीब 400 औद्योगिक कर्मचारियों को अप्रैल माह से ही भरपूर कच्चा माल उपलब्ध कराकर काम कराया जा रहा है।
एरियल बमबाडी, सुरंगरोधी वाहन हल उत्पाद को प्रमुखता
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष जीआईएफ को सौ एवं120 किलो के 10000 बम की बाडी बनाने का लक्ष्य दिया गया है। एक एरियल बम खोल की कीमत करीब 75 हजार बताई जाती है।बताया जाता है कि निजी क्षेत्र से भी अपेक्षाकृत कम कीमत मे उपलब्ध है, लेकिन जी आई एफके ढलाई की गुणवत्ता सबसे अच्छी आंकी गई है। इसलिए इसे प्राथमिकता प्रदान करते हुए बड़ी मात्रा में जीआईएफ को आदेश देते हुए अलग से उत्पादन लक्ष्य दिया है।
उसी तरह यहां बनाए जा रहे सुरंग रोधी वाहन का हल जिस पर बुलेट प्रूफ चादर चढ़ाई जाती है का भी निर्माण में किया जाएगा । यद्यपि ऐसे उच्च विकसित 80 नग हल की मांग की गई थी। लेकिन सीमित साधनों के चलते जीआईएफ ने 65 हल देने का वादा किया है। इसके साथ ही जी आई एफ मे हेंड ग्रेनेड बाडी, लिफ्टिंग प्लग और250 किलोग्राम के HSLD बम बाडी आदि भी बड़ी मात्रा में बनाए जाएंगे। बहरहाल शहर का जीआईएफ ऐसा सुरक्षा संस्थान है जहां 4 सौ और औद्योगिक कर्मचारियों के जिम्मे 121 करोड़ का उत्पादन लक्ष्य दिया गया है ।
यद्यपि जीआईएफ मे कुल मिलाकर 600 कर्मचारी हैं, लेकिन2 सौ कर्मचारी अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादन में जुड़े हैं जो अनोद्योगिक कर्मचारी कहलाते हैं। यहां पर अन्य निर्माणियों से सीख लेते प्रबंधन ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए पूर्व से ही सभी संसाधन संस्थान में जुटा दिये , लिहाजा उम्मीद जताई जा रही है कि जी आईं एफ समय पर अपना उत्पादन लक्ष्य पूरा कर सकता है।








