जबलपुर में 28 साल पुराने विवाद को पुलिस ने यूं सुलझा लिया
जबलपुर। 28 साल पुराने एक विवाद को पुलिस ने पहल करते हुये सुलझा लिया। चंडालभाटा में औलिया मस्जिद का 28 साल से चल रहे विवाद को गोहलपुर टीआइ आरके गौतम ने दोनों पक्षों की सहमति से सुलझा दिया। कई सालों से यह विवाद बना हुआ था। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि सशस्त्र बल तैनात करना पड़ा। टीआइ गौतम के इस प्रयास से हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग खुश है।
1.22 एकड़ की भूमि का मामला: खसरा नं 155 के कुल रकवा 1.22 एकड़ की भूमि का यह मामला 1964 में सामने आया था। 1909 से 1967 तक भूमि मस्जिद परिसर के रूप में दर्ज रही। 15 दिसम्बर 1964 को इसे बफ्फ संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया। इसके बाद जनाब खां और नारायण दास शर्मा के बीच विवाद शुरू हुआ। जमीन पहले नारायणदास शर्मा के नाम और फिर जनाब खां के नाम दर्ज हो गई।
बाउंड्री बनवाकर सुलझाया विवाद: विवाद बढ़ता देखकर आए दिन तनाव की स्थिति निर्मित होती थी, जिसे देखते हुए लगभग 24 साल से सशस्त्र गार्ड की तैनाती की गई थी। गोहलपुर पुलिस ने एसडीएम अधारताल ऋषभ जैन, तहसीलदार संदीप जायसवाल से राजस्व पत्रकों की छानबीन कराई। 70 साल पुराने रिकार्ड की जांच की गई और फिर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठ लोगों के बीच सीमांकन कराया गया। वहीं 1.22 एकड़ भूमि को घेरकर बांड्रीवाल बनवा दी गई।
बताया जा रहा है कि इस विवाद के चलते आए दिन थानों का घेराव होता रहता था। 1970 में वफ्फ बोर्ड ने एक दावा खारिज करते हुए 1977 में नूर अली शाह को नियुक्त कर दिया था। इसके बाद जनाब खां ने आसपास की जमीन को बेचना शुरू कर दिया। 1992 में भूमि के कई हकदार हो गए। इसके बाद से दोनों पक्ष के लोगों में विवाद शुरू हुआ।