NASA का 3,500 करोड़ का ‘स्विफ्ट’ टेलीस्कोप बचाने का मिशन फेल: 250 करोड़ का ‘लिंक’ स्पेसक्राफ्ट जलकर नष्ट, नवंबर में धरती पर गिर सकता है दूरबीन
NASA का 3,500 करोड़ का 'स्विफ्ट' टेलीस्कोप बचाने का मिशन फेल: 250 करोड़ का 'लिंक' स्पेसक्राफ्ट जलकर नष्ट, नवंबर में धरती पर गिर सकता है दूरबीन
NASA का 3,500 करोड़ का ‘स्विफ्ट’ टेलीस्कोप बचाने का मिशन फेल: 250 करोड़ का ‘लिंक’ स्पेसक्राफ्ट जलकर नष्ट, नवंबर में धरती पर गिर सकता है दूरबीन
NASA का 3,500 करोड़ का ‘स्विफ्ट’ टेलीस्कोप बचाने का मिशन फेल: 250 करोड़ का ‘लिंक’ स्पेसक्राफ्ट जलकर नष्ट, नवंबर में धरती पर गिर सकता है दूरबीन
केप कैनावेरल/वॉशिंगटन, yashbharat.com। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के 22 साल पुराने प्रसिद्ध अंतरिक्ष टेलीस्कोप ‘स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी’ (Swift Observatory) को बचाने के लिए भेजा गया एक अत्यंत महत्वाकांक्षी प्राइवेट स्पेस मिशन नाकाम हो गया है। स्विफ्ट को डूबने से बचाने के लिए करीब 3 महीने पहले लॉन्च किया गया स्पेसक्राफ्ट ‘लिंक’ (Link) शुक्रवार को धरती के वायुमंडल में वापस लौटते समय जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। इस रेस्क्यू मिशन पर करीब 3 करोड़ डॉलर (लगभग ₹250 करोड़) खर्च हुए थे।
लिंक के नष्ट होने के साथ ही स्विफ्ट टेलीस्कोप को सुरक्षित ऊंची कक्षा (Higher Orbit) में पहुंचाने की उम्मीद टूट गई है। अब स्विफ्ट की कक्षा भी तेजी से नीचे आ रही है और आशंका जताई जा रही है कि वह नवंबर की शुरुआत में धरती के वायुमंडल में प्रवेश कर गिर जाएगा।
क्यों खास है 3,500 करोड़ का ‘स्विफ्ट’ टेलीस्कोप?
साल 2004 में ₹3,500 करोड़ ($36.4 मिलियन) की भारी-भरकम लागत से लॉन्च किया गया स्विफ्ट टेलीस्कोप ब्रह्मांड में होने वाली महा-विस्फोटक घटनाओं को रिकॉर्ड करने में महारत रखता है।
‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका: स्विफ्ट बहुत तेजी से अपनी दिशा बदलने में सक्षम है। यह गामा-रे विस्फोटों (Gamma-ray Bursts) और तारों के फटने जैसी अचानक घटनाओं को पकड़कर दुनिया भर के अन्य टेलीस्कोपों को तुरंत अलर्ट जारी करता है।
सूरज के फ्लेयर्स ने बिगाड़ा खेल: हाल के दिनों में सूर्य से निकले शक्तिशाली सोलर फ्लेयर्स के कारण पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में खिंचाव बढ़ गया, जिससे स्विफ्ट की कक्षा उम्मीद से ज्यादा तेजी से नीचे गिरने लगी। इस खतरे को देखते हुए नासा ने इसकी वैज्ञानिक गतिविधियों को फिलहाल रोक दिया था।
क्या था ‘लिंक’ का मिशन और कहां हुई चूक?
कैटेलिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज (Catalyst Space Technologies) द्वारा एक साल से भी कम समय में तैयार किए गए स्पेसक्राफ्ट ‘लिंक’ को 3 जुलाई को लॉन्च किया गया था।